Uttarakhand Monsoon Update: मानसून फिर सक्रिय, बुलेट सवार बहा, बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे खुला
देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी के अलावा राज्य के बाकी सभी जिलों में गर्जना के साथ तेज बौछारें पड़ने के साथ ही कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर राज्य में मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञानियों का ऐसा कहना है। वहीं मानसून फिर सक्रिय होने से मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम विज्ञानियों ने बारिश की संभावना जताई है।
उत्तराखंड में बारिश का कहर: मलबे में दबने से चार लोगों की मौत, पिता और बेटे नदी में बहे
सोमवार को देहरादून सहित अधिकतर इलाकों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। हालांकि उसके बाद दून में धूप खिल गई। बदरीनाथ हाईवे पागल नाला में मलबा आने से बंद हो गया था। बाद में पागलनाला में वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, हालांकि यहां अभी भी हाईवे खतरनाक बना हुआ है। हाईवे पर करीब 12 बजे वाहनों की आवाजाही सुचारू हो पाई।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ज्यालगढ़ पुल के नीचे खड़ी कार पानी के तेज बहाव में बहकर क्षतिग्रस्त हो गई। तेज बारिश होने से यहां मलबे से अस्थायी झील बन गई थी। हालांकि सोमवार दिन तक झील का पानी खाली हो गया।
यमुनोत्रीधाम सहित यमुनाघाटी में रविवार मध्य रात्री से हो रही लगातार बारिश यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा बोल्डर आने से बंद हो गया था। हाईवे पालीगाड़ और खरादी के पास दोपहर करीब 12 बजे खुल गया है। यहां सोमवार सुबह चार बजे से हाईवे बंद था।
#WATCH | Debris blocks movement on Rishikesh-Badrinath National Highway 07 near Chamoli after heavy rainfall in the Uttarakhand pic.twitter.com/AwRMrFm6Mv
— ANI (@ANI) July 12, 2021
उत्तराखंडः अतिवृष्टि से ढहा मकान, घर के अंदर सो रहे तीन लोग मलबे में दबे, तस्वीरों में देखें
रुद्रप्रयाग जिले में तड़के से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। टिहरी जिले में सुबह से बारिश हो रही है। चमोली जनपद में हल्की बारिश देर रात से जारी है। बदरीनाथ हाईवे सुबह सात बजे से पागलनाला में बंद है।
कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा राष्ट्रीय में बरसाती नाले में बहा बुलेट सवार
थराली में सोमवार तड़के हुई भारी बारिश के चलते कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोल्टी बरसाती नाले में एक बुलेट सवार शुभम चंद्र पुत्र हरगोविंद निवासी बैजनाथ बागेश्वर बह गया। थानाध्यक्ष ध्वज वीर सिंह पंवार ने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें सूचना दी कि एक बुलेट सवार ने उफनते नाले को पार करने की कोशिश की, लेकिन वह तेज बहाव में बह गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने उसे 200 मीटर दूर तक बहते देखा। थानाध्यक्ष ने बताया कि 100 मीटर की दूरी पर बुलेट नाले के बीच में दिखाई दी। लेकिन बाइक सवार का पता नहीं चल पाया है। सर्च ऑपरेशन जारी है। शुभम कॉपरेटिव बैंक का कर्मचारी बताया जा रहा है।
भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी
राजधानी दून के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी जैसे जिलों में अगले 24 घंटे में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंडः कपकोट में बादलों ने मचाई तबाही, मकान क्षतिग्रस्त, एक बच्चे सहित तीन सदस्य मलबे में दफन
संभावना जताई गई है राज्य के बाकी सभी जिलों में गर्जना के साथ तेज बौछारें पड़ने के साथ ही कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मानसून के सक्रिय होने से मौसम पूरी तरह से बदल गया है।
राजधानी दून व आसपास के इलाकों में रविवार को बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। पिछले कई दिनों से गर्मी का सामना कर रहे लोगों ने बारिश के चलते राहत की सांस ली। राजधानी में काले घने बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
रात आठ बजे अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहने से मौसम खुशगवार हो गया। मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे में राजधानी दून व आसपास के इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शिवानंदी में आठ घंटे बंद रहा
उत्तराखंड में शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार सुबह तक होती रही, जिससे मलबा और बोल्डर आने से चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे तीन जगहों गुलाबकोटी, पागल नाला और हनुमान चट्टी में बंद रहा, जबकि कई मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए।
तेज बारिश से बागेश्वर में पिंडर घाटी के 200 गांवों की बिजली भी गुल हो गई, जिससे लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
रविवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शिवानंदी में आठ घंटे बंद रहा। पहाड़ी से आए भारी मलबे से एनएच के क्रशर प्लांट को भारी नुकसान हुआ है।
वहीं, शनिवार रात को हुई भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन होने और चट्टानें टूटने से कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा हाईवे सहित ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए।