Uttarakhand Weather: मानसून सीजन के दौरान 10 जिलों में सामान्य से कम हुई बारिश
- चंपावत में सबसे कम बारिश, सिर्फ तीन जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश
- प्रदेश में अभी तक सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश
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मानसून सीजन में अभी तक प्रदेश के 10 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। चंपावत जिले की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां आधी बारिश भी नहीं हुई। वहीं, बागेश्वर समेत केवल तीन जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अभी सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश हुई है। अल्मोड़ा, चंपावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर और उतरकाशी जिलों में सामान्य से काफी कम रही है।
अल्मोड़ा में 24, देहरादून में 25, पौड़ी में 46, टिहरी में 26, हरिद्वार में 16, नैनीताल में 33, रुद्रप्रयाग में 34, ऊधमसिंह नगर में तीन और उत्तरकाशी में 45 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं, बागेश्वर जिले में सामान्य से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा बारिश हुई है। चमोली में 12 और पिथौरागढ़ में दो फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अब तक सामान्य तौर पर 1116.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन प्रदेश में अभी तक केवल 916.1 मिलीमीटर बारिश ही हुई है।
मानसून सीजन में जिलावार बारिश
जिला सामान्य बारिश मौजूदा बारिश
अल्मोड़ा 781.2 593.5
बागेश्वर 781.2 1927.6
चमोली 738.6 824.4
चंपावत 1246.8 592.1
देहरादून 1452.6 1095.1
पौड़ी 1168.4 635
टिहरी 944.3 701.8
हरिद्वार 928.5 779.4
नैनीताल 1341.9 898.9
पिथौरागढ़ 1465 1499
रुद्रप्रयाग 1441.8 954.5
ऊधमसिंह नगर 1010 979.8
उत्तरकाशी 1151.5 629.7
(सभी आंकड़े मिमी में हैं)
भूस्खलन से दो घंटे बंद रहा मसूरी-दून मार्ग
गलोगी पावर हाउस के पास शुक्रवार को भारी भूस्खलन होने से मसूरी-देहरादून मार्ग फिर से बंद हो गया। जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम में फंसे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मार्ग पर आए पत्थर व मलबे को जेसीबी से हटाकर करीब दो घंटे बाद आवागमन सुचारु कराया।
पूर्व में भी गलोगी पावर हाउस के पास पहाड़ के दरकने से भूस्खलन हो रहा था, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यहां भूस्खलन बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए पहाड़ का ट्रीटमेंट किए जाने पर योजना बनाई गई है। यहां जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। भूस्खलन को देखते हुए सड़क के दोनों ओर जेसीबी तैनात की गई है। जैसे ही सड़क पर पत्थर और मलबा आता है, उसको जेसीबी से हटाकर यातायात को सुचारु किया जाता है ताकि लोगों को दिक्कत न हो।