उत्तराखंड: बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे जगह-जगह बंद, मसूरी में भूस्खलन से दुकानें क्षतिग्रस्त
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मसूरी बुधवार की देर शाम को भारी बारिश होने पर मसूरी-टिहरी बस स्टैंड के पास भारी भूस्खलन से उसकी चपेट में आकर दो दुकाने में से एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं दूसरी दुकान खतरे की जद में है। क्षतिग्रस्त दुकान में रखा लाखों का सामान भी नष्ट हो गया। वहीं सड़क के नीचे कई झुग्गी झोपड़ियों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है।
पुलिस द्वारा सभी झुग्गी झोपड़ियों को खाली कराकर वहां पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। मसूरी कोतवाल देवेंद्र असवाल ने बताया कि भूस्खलन की जद में आने के बाद एक दुकान भूस्खलन के साथ खाई में जा गिरी। लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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बंदरकोट के पास दो घंटे बंद रहा गंगोत्री हाईवे
ऑल वेदर रोड के तहत बंदरकोट में गंगोत्री हाईवे पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य से आए दिन यातायात अवरुद्ध होने की समस्या के साथ ही हादसे का खतरा बना हुआ है। बुधवार को भी इस हिस्से में भूस्खलन से करीब दो घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत गंगोत्री हाईवे पर बंदरकोट के निकट सड़क चौड़ीकरण हो रहा है। इस हिस्से में आए दिन भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। साथ ही यहां भूस्खलन से सड़क बदहाल होने के कारण हादसे की आशंका भी बनी हुई है। बुधवार सुबह करीब नौ बजे इस हिस्से में भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। मौके पर तैनात मशीनों से सड़क खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन पहाड़ी से भूस्खलन का सिलसिला निरंतर जारी रहने से सड़क खोलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। करीब दो घंटे बाद इस हिस्से में मलबा साफ कर यातायात बहाल किया गया।
मलबे की चपेट में आने से जेसीबी ऑपरेटर की मौत
मोरगी मोटर मार्ग पर काम करते समय पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आने से जेसीबी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में घायल जेसीबी ऑपरेटर ने जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। बुधवार को मोरगी गांव की सड़क पर एक जेसीबी कार्य कर रही थी। पूर्वाह्न करीब 11 बजे अचानक पहाड़ी से भारी मलबा जेसीबी के ऊपर गिर गया। हादसे में जेसीबी ऑपरेटर नेपाली मूल का बाबूराम पुत्र डंबर सिंह ठाकुर हाल निवासी बड़ेथी चिन्यालीसौड़ गंभीर रूप से घायल हो गया।
भारी बारिश और भूस्खलन ने फिर बरपाया कहर
मंगलवार को रातभर हुई भारी बारिश और भूस्खलन से चमोली जिले में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गोपेश्वर के समीप सिरोखोमा गांव में पहाड़ी से गिरे मलबे में कमला देवी की गोशाला दब गई, जिसमें पांच मवेशी जिंदा दफन हो गए। वहीं, बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह बाधित हो गया, जिससे आम लोगों के साथ ही सेना के वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
जोशीमठ में गणाई और दाड़मी गांव के बीच पैदल आवाजाही का मुख्य पुल गदेरे में बह गया और मदन सिंह, मुरली सिंह व मातबर सिंह का संयुक्त घराट बह गया। पीपलकोटी के बजनीगांव में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मठ गांव के शीर्ष भाग से भूस्खलन होने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने बताया कि भूस्खलन से कई हेक्टेयर कृषि भूमि भी नष्ट हो गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश बंडवाल, नगर महामंत्री दीपक पंत ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
चमोली में खतरे के निशान के करीब पहुंची नदियां
मूसलाधार बारिश के कारण चमोली जिले में नदियां भी उफान पर हैं। अलकनंदा खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि अलकनंदा नदी का जल स्तर बुधवार को 953.70 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 954.50 मीटर है। नंदाकिनी नदी का जल स्तर 867.75 मीटर रिकार्ड किया गया। खतरे का निशान 868.45 मीटर है। पिंडर नदी का जल स्तर 768.56 मीटर रिकार्ड किया गया जो खतरे के निशान 768.92 मीटर से थोड़ा ही है।
घाट में हुई सर्वाधिक बारिश
गोपेश्वर। चमोली जिले में घाट ब्लाक में सर्वाधिक बारिश रिकार्ड की गई, यहां 26 मिमी वर्षा हुई। जिले में 24 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने बताया सड़कें खोले जाने का काम जारी है।