Uttarakhand Weather: आठ जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, जायजा लेने कंट्रोल रूम पहुंचे राज्यपाल
Uttarakhand Weather News: मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, सभी जिलों में बिजली चमकने और तेज गर्जना के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है।
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उत्तराखंड के आठ जिलों में बुधवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य पांच जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया। मौसम विभाग ने चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में बारिश का रेड अलर्ट और उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, सभी जिलों में बिजली चमकने और तेज गर्जना के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है।
बारिश से उपजे हालात का जायजा लेने कंट्रोल रूम पहुंचे राज्यपाल
प्रदेशभर में कई दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को सचिवालय स्थित आपातकालीन परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से वर्तमान में हो रही वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, मार्गों की स्थिति सहित आगामी दिनों के पूर्वानुमान और उसकी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
राज्यपाल ने वर्तमान में लगातार हो रही वर्षा और मानसून की चुनौती से निपटने के लिए टीम भावना से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अंतर्विभागीय एवं जिलों से सामंजस्य बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में 24 घंटे सातों दिन अलर्ट पर रहने के रहने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि जिलों सहित राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन से जुडे़ अधिकारी एवं कर्मचारी बेहतर समन्वय से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने आपदा प्रबंधन में नई टेक्नोलॉजी के उपयोग पर यूएसडीएमए की प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा भी चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्री की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और अपर सचिव सविन बंसल ने विभाग की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने कहा कि नदियों के रियल टाइम जल स्तर को मापने के लिए जीआईएस बेस्ड प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। मौसम पूर्वानुमान के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। उन्होंने यूएसडीएमए की ओर से विकसित रिस्क डैशबोर्ड की जानकारी भी राज्यपाल को दी।