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उत्तराखंड: शनिवार तड़के बदरीनाथ और मुनस्यारी में एक बार फिर हुई ताजा बर्फबारी, ठंड ने दी दस्तक 

Sat, 11 Sep 2021 08:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 11 Sep 2021 08:21 PM IST
सार

Snowfall in Uttarakhand: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खुला हुआ है। केदारनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड में अवरूद्ध चल रहा है। बड़कोट में यमुनोत्री हाईवे खनेड़ापुल के पास भारी भूस्खलन होने से बंद हो गया है। यहां हाईवे पर दोनों ओर दर्जनों वाहन फंस गए हैं।

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Uttarakhand Weather Forecast Update Today: fresh snowfall in badrinath and munsiyari today
ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार तड़के एक बार फिर बर्फबारी हुई है। आज तड़के बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर दूसरी बार और मुनस्यारी में सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई है। जिस वजह से आसपास के इलाकों में ठंड ने दस्तक दे दी है। बर्फबारी से बदरीनाथ और मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

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बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हुई सीजन की दूसरी बर्फबारी
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर शनिवार को सीजन की दूसरी बर्फबारी हुई, जिससे धाम में ठंड बढ़ गई है। जिले के निचले क्षेत्रों में शुक्रवार को रातभर रही बारिश से मौसम ठंडक भरा हो गया है। बदरीनाथ धाम में भी हर दिन बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर भी शुरू हो गया है। बदरीनाथ की ऊंची चोटियों के साथ ही सतोपंथ और नीती घाटी की ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हुई। 
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मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर फिर हिमपात
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सीजन का तीसरा हिमपात हुआ। हिमपात के बाद निचले इलाको में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोगों ने सुबह-शाम ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। मुनस्यारी पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, नागीनीधूरा, सिदमखान, छिपलाकेदार में सीजन का तीसरा हिमपात हुआ।

 

हल्के हिमपात के बाद मुनस्यारी का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिथौरागढ़ में भी तापमान में गिरावट आई है। एक दिन पूर्व अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस था। बर्फबारी के बाद शनिवार को सुबह जिले का अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री गिरकर 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

हरिद्वार में बूंदाबांदी हुई, बादल छाए
देहरादून और ऋषिकेश में बादल छाए हुए हैं। हरिद्वार में सुबह बूंदाबांदी हुई और अभी बादल छाए हैं। मसूरी में हल्की बूंदाबांदी हुई और घना कोहरा छाया रहा।

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भटवाड़ीसैंण में रहा पांच घंटे बंद
भटवाड़ीसैंण में पहाड़ी से भारी बोल्डर व मलबा गिरने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पांच घंटे बंद रहा। इस दौरान यातायात को तिलवाड़ा-जवाड़ी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया। शनिवार सुबह लगभग पौने आठ बजे भटवाड़ीसैंण में पहाड़ी से भारी बोल्डर व मलबा हाईवे पर गिर गया, जिससे यातायात बंद हो गया। इस दौरान यहां रुक-रुककर पत्थर व मलबा गिरता रहा। करीब 10 बजे पहाड़ी से भूस्खलन थमने के बाद मलबे की सफाई कर दोपहर बाद एक बजे यातायात बहाल किया गया।

पागलनाले में बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे, एंबुलेंस मलबे में फंसी

बदरीनाथ हाईव पागलनाले में करीब 10 घंटे तक बंद रहा। एनएच की जेसीबी ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह एनएच पर यातायात सुचारू किया। इस दौरान वहां मलबे में एक एंबुलेंस भी फंसी रही।

शुक्रवार रात करीब 10 बजे भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाले के पास भारी मलबा आ गया। रात को यहां से गुजर रही एक एंबुलेंस भी मलबे के दलदल में फंस गई। शनिवार सुबह पांच बजे एनएच की जेसीबी मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को बाहर निकाला। गनीमत रही कि एंबुलेंस में मरीज नहीं था।

एंबुलेंस मरीज छोड़कर जोशीमठ वापस आ रही थी। उसके बाद हाईवे खोलने का काम शुरू किया गया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब आठ बजे हाईवे पर यातायात सुचारू कर दिया गया। 

जुगजू गांव में फिर भूस्खलन, गुफा में बिताई रात
जोशीमठ के जुगजू गांव में शुक्रवार रात को फिर से भूस्खलन हुआ तो जान बचाने के लिए ग्रामीण जंगल की ओर भाग गए। ग्रामीणों ने जंगल की गुफाओं में ही पूरी रात गुजारी। एक सप्ताह पहले भी जुगजू गांव के ऊपर पहाड़ी टूटने पर लोग जंगल में सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे। लगातार भूस्खलन होने पर गांव के कुछ परिवार एक सप्ताह से प्राथमिक विद्यालय में रहने लगे थे।

संग्राम सिंह ने बताया कि दो-तीन दिनों से भूस्खलन बंद हो गया था, जिससे लोग काश्तकारी के लिए शुक्रवार को अपने घर लौट गए थे। लेकिन रात 11 बजे फिर पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया और बोल्डर खेतों में गिरने लगे, जिसके बाद फिर जंगल की ओर गुफाओं में चले गए। सभी ने पूरी रात गुफा में ही गुजारी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो पा रही है। जबकि गांव की स्थिति ऐसी है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गांव के पुनर्वास के अलावा अब कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

लापता टैंकर चालक और भाई का नहीं लगा सुराग 
गुरुवार रात श्रीनगर के सिरोहबगड़ में मलबे में लापता डीजल टैंकर ड्राइवर और उसके भाई का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम शनिवार को दिनभर अलकनंदा नदी में टैंकर और लापता लोगों की तलाश करती रही। वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर यातायात सुचारू रहा।

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