उत्तराखंड : कई जगह महसूस किए गए भूकंप के झटके, रुद्रप्रयाग में रिक्टर पैमाने पर 5.4 रही तीव्रता
Earthquake in Uttarakhand: उत्तरकाशी जिले के बड़कोट, चमोली जिले के जोशीमठ और पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यानी में तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अच्छी बात ये रही कि कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
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विस्तार
चमोली जिले में शनिवार को सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र चमोली जिले में 5 किलोमीटर भूमि के अंदर था। वहीं भूकंप के तीव्र झटके से गोपेश्वर-घिंघराण रोड पर चट्टान से पत्थर छिटक गए, जिससे सड़क पर दौड़ रहे युवाओं में अफरातफरी मच गई। कई लोग यहां मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे थे।
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गोपेश्वर गांव के छोटी तिवारी ने बताया कि वे सुबह घिंघराण रोड पर टहल रहे थे, तभी अचानक भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। भूकंप के बाद चट्टान से बोल्डर तेज रफ्तार से सड़क पर आ गए। वहीं, भूकंप आने पर लोग घरों से बाहर निकल गए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। भूकंप का केंद्र जोशीमठ की ओर था।
भूकंप आते ही लोग घरों से बाहर आए
वहीं कर्णप्रयाग सहित आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटकों से लोग सहम गए। भूकंप आते ही लोग घरों से बाहर आ गए। सिमली, लंगासू, गौचर, आदिबदी, थराली, देवाल, गैरसैंण, नारायणबगड़, आदिबदरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
वहीं श्रीनगर में सुबह लगभग 5.59 बजे भूकंप का झटका महसूस किया। स्थानीय निवासी रवि ने बताया कि भूकंप आते ही घरों से बाहर भागे। वहीं, जगदंबा प्रसाद मैठाणी, राकेश ध्यानी, डा. कपिल पंवार, अनूप बहुगुुणा, शमीम अहमद व एनसी खंडूड़ी ने बताया कि सुबह होने पर वह घर के बाहर घूम रहे थे। इसी दौरान जमीन हिलने लगी। जब तक वह सुरक्षित स्थान की ओर जाते, तब तक हलचल थम गई।
रुद्रप्रयाग में तुंगनाथ-मंडल था केंद्र
केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ सहित जिले में भूकंप का झटका महसूस किया गया। यहां शनिवार सुबह 5.58 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप का केंद्र तुंगनाथ-मंडल था और रिक्टर स्केल 5.4 था। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि भूकंप से जिले में कहीं से किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
वहीं उत्तरकाशी के जिला मुख्यालय सहित उप तहसील धौन्तरी में सुबह करीब 5 बजकर 59 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। लोगों ने अपने परिचितों व परिजनों को फोन कर कुशलता पूछी। भटवाड़ी, डुंडा, मनेरी, मानपुर आदि क्षेत्रों में भी महसूस किए गए।
भूगर्भीय हलचलें अच्छे संकेत नहीं
शनिवार सुबह लोगों की नींद खुलते ही भूकंप आया तो लोग घरों से बाहर निकले गए। जानकार बताते हैं कि गढ़वाल हिमालय में लगातार हो रही भूगर्भीय हलचलें आने वाले समय के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। भूगर्भ में लगातार प्लेटें टकराने और खिसकने के कारण भूकंप आने की घटनाएं हो रही हैं। भूकंप की दृष्टि से चमोली व रुद्रप्रयाग जिला जोन पांच में होने से अति संवेदनशील हैं। पीजी कॉलेज गोपेश्वर में भूगोल के पूर्व प्रोफेसर डॉ. जेएस कंडारी ने कहा कि भारतीय प्लेट लगातार एशियाई प्लेट की ओर खिसक रही है। इससे धरती के अंदर हलचल पैदा होने से ऊर्जा संचित हो रही है, जिसका धीरे-धीरे बाहर निकलना जरूरी है। संवाद
अल्मोड़ा-बागेश्वर में भी महसूस किए गए झटके
अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के कई हिस्सों में भी शनिवार की सुबह 5:58 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं है। झटके बागेश्वर जिला मुख्यालय सहित कांडा, कपकोट, गरुड़ विकास खंडों में महसूस किए गए। जिला आपदा प्रबंधक अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। भूकंप का केंद्र जोशीमठ में था।
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में भी सुबह छह बजकर तीन मिनट पर भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। यहां भी किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड
बता दें कि उत्तराखंड राज्य भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है और भूकंप के जोन पांच में आता है। पिछले माह 10 अगस्त की दोपहर को देहरादून में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.8 रिक्टर थी।