बारिश का कहर: कपकोट में अतिवृष्टि ने मचाई तबाही, स्कूल और खेत खलिहान मलबे से पटे, कई मकान खतरे की जद में
पौंसारी गांव में शनिवार की रात हुई अतिवृष्टि गहरे जख्म दे गई है। हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा पड़ा है। पौंसारी के प्राथमिक स्कूल के भवन में मलबा घुस गया।
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उत्तराखंड में बागेश्वर के कपकोट में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से पौंसारी, बमसेरा, रिखाणी में व्यापक नुकसान हुआ है। बैसानी ग्राम पंचायत के पौंसारी तोक में बादल फटने जैसा मंजर दिखाई दे रहा है। पौंसारी के गांव और प्राथमिक स्कूल और खेत खलिहान मलबे से पट गए हैं।
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कुंज्याणी गधेरे के कटाव से बमसेरा, रिखाणी में कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ऐठाण-रिखाणी-बमसेरा को जोड़ने वाली दो पुलिया खतरे की जद में आ गई हैं। कपकोट में शनिवार की रात 107.5 मिमी और रविवार को 35 मिमी बारिश हुई।
पौंसारी गांव में शनिवार की रात हुई अतिवृष्टि गहरे जख्म दे गई है। हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा पड़ा है। पौंसारी के प्राथमिक स्कूल के भवन में मलबा घुस गया। कई मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने बताया कि पौंसारी गांव में भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। प्राथमिक स्कूल के भवन में मलबा पट गया। कई मकान मलबे से पट गए हैं। खेतों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
खेत भी भूस्खलन के चपेट में
कुंज्याणी गधेरे के उफान में आने से कपकोट, ऐठाण, रिखाडी, बमसेरा को जोड़ने वाली दो पुलिया खतरे की जद में आ गई हैं। मल्ला बमसेरा, रिखाडी, तल्ला बमसेरा, ऐठाण, झाझर तक करीब 10 हेक्टेयर जमीन गधेरे में समा गई है। दीपक सिंह ऐठानी, चंचल सिंह ऐठानी, दयाल सिंह, जानकी ऐठानी, महेश सिंह, चंचल गढ़िया, दरबान सिंह ऐठानी, भूपाल सिंह, शेर सिंह ऐठानी, हीरा सिंह विनोद ऐठानी भगवत सिंह, मोहन राम, शेर राम, हरीश राम के खेत गधेरे की भेंट चढ़ गए हैं।
लोगों में दहशत
बागेश्वर। भूस्खलन से मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। रात में बारिश होने पर इन गांवों के लोग सो नहीं पा रहे हैं। जागकर रात काट रहे हैं। लोगों ने गधेरे के कटाव से आबादी और कृषि योग्य भूमि को बचाने की अपील की है। लीती के कीमू तोक को जाने वाला रास्ता भी अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गया है।