फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand UP assets to be distributed between both states process initiated after CMs of both states

उत्तराखंड-यूपी: दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे की कवायद शुरू, मुख्यमंत्रियों के बैठक में हुआ था फैसला

Tue, 21 Dec 2021 11:00 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 21 Dec 2021 11:00 AM IST
सार

पिछले महीने 11 नवंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच संयुक्त बैठक में परिसंपत्तियों के लंबित मसलों पर सहमति बनी थी और इनके हल के लिए निर्णय ले लिए गए थे।

विज्ञापन
Uttarakhand UP assets to be distributed between both states process initiated after CMs of both states
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे की कवायद शुरू हो गई है। यूपी के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने परिसंपत्तियों के लंबित मसलों के समाधान को लेकर लिए गए फैसलों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


पिछले महीने 11 नवंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच संयुक्त बैठक में परिसंपत्तियों के लंबित मसलों पर सहमति बनी थी और इनके हल के लिए निर्णय ले लिए गए थे। लेकिन संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णयों के कार्यवृत्त जारी होने में एक महीने से भी अधिक का समय लग गया।
विज्ञापन


बहरहाल, यूपी सरकार ने दोनों राज्यों के परिसंपत्तियों के विभाजन से संबंधित लंबित प्रकरणों पर हुई बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यवृत्त जारी कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुंभ के लिए मिलेगी जमीन, वाटर स्पोर्ट्स को अनुमति
कार्यवृत्त के निर्णयों के मुताबिक, उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग की हरिद्वार स्थित जमीन कुंभ मेले व अन्य प्रायोजन के लिए सहजता से मिल सकेगी और यूएसनगर के जलाशयों और हरिद्वार में गंग नहर में वाटर स्पोर्ट्स को अनुमति मिलेगी और इसके तत्काल आदेश जारी होंगे।

सिंचाई विभाग के इन निर्णयों पर कार्यवाही के निर्देश
हरिद्वार में 697.576 हेक्टेयर यूपी सिंचाई विभाग की भूमि व भवनों का आकलन करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारी संयुक्त सर्वे कर 15 दिन में निर्णय लेंगे। भूमि का स्वामित्व यूपी के पास रहेगा और भविष्य में कुंभ मेला व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अनुमति दी जाएगी। यूएस नगर में 20 व हरिद्वार में चार नहरों को उत्तराखंड राज्य को देने का आदेश फरवरी में ही हो चुका है। यूएस नगर में धौरा, बैगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन व जल क्रीड़ा व हरिद्वार में पुरानी ऊपरी गंग नगर में वाटर स्पोर्ट्स की अनुमति के तत्काल आदेश जारी होंगे। किच्छा में यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर बस स्टैंड को लेकर कोई न्यायिक वाद नहीं। यूपी सिंचाई विभाग बिजली के बिल का बकाया 57.87 करोड़ के सापेक्ष 37 करोड़ सर चार्ज घटाकर 20 करोड़ या वास्तविक भुगतान करेगा।

ये भी हुए समाधान
1. परिवहन निगम मुख्यालय और इससे संबंधित अन्य इकाइयों की भूमि व भवन को लेकर 205.42 करोड़ की धनराशि देने का निर्णय हुआ। उत्तराखंड राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 105.42 करोड़ रुपये यूपी को देने हैं। उसे समायोजित करते हुए यूपी रोडवेज 100 करोड़ रुपये उत्तराखंड रोडवेज को देगा।
 2. यूपी आवास एवं विकास परिषद की उत्तराखंड राज्य में मौजूद संपत्तियों के निपटारे से प्राप्त आय के लिए संयुक्त स्क्रो एकाउंट खोला जाएगा। इस आय को बराबर बांटा जाएगा। संपत्तियों को लेकर किसी भी न्यायालय में चल रहे वाद का खर्च समान रूप से स्क्रो एकाउंट से वहन किया जाएगा। 

3. हरिद्वार में इसी महीने उत्तरप्रदेश के नए भागीरथी पर्यटक आवास गृह के लोकार्पण के समय पुराना अलकनंदा पर्यटक आवास गृह उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा।
4. बनबसा बैराज के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर यूपी सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
5. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री अन्य मामलों को परस्पर सहमति के आधार निपटाएंगे और उनमें विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को वापस लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed