फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand transport corporation didn't make one countersign with other state.

12 साल में साइन तक नहीं करा पाया उत्तराखंड रोडवेज

Sat, 16 Jan 2016 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 16 Jan 2016 11:59 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand transport corporation didn't make one countersign with other state.

हरियाणा में बसें बंधक बनाए जाने के बाद बौखलाया परिवहन विभाग 12 साल में हरियाणा से एक काउंटर तक साइन नहीं करा पाया। प्रदेश से पंजाब जाने वाली बसें यूपी के जमाने के करार पर चलती रहीं।

विज्ञापन


करार कराना तो दूर हरियाणा के रूट से गुजरने के लिए वहां के शासन-प्रशासन से परमिट पर दस्तखत तक नहीं कराए गए। अधिकारियों की पूरी तैयारी के साथ न जाने की वजह से राज्य गठन के बाद यूपी से करार के संबंध में हुई 12 बैठकें विफल हो गईं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री हरीश रावत कई मरतबा विभाग के अफसरों को करार के बाबत सख्ती कर चुके हैं, फिर भी महकमा लचर रवैया अख्तियार किए हुए है। परिवहन विभाग कई सालों से हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से बसों की आवाजाही और रूट तय करने के संबंध में तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक कागजी खानापूरी ही नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन करारों को अमली जामा पहनाने के लिए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को शासन ने नोडल अधिकारी बनाया है। हरियाणा की तरह यूपी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के रूटों पर चल रहीं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को कभी भी खड़ा किया जा सकता है। शासन स्तर पर जो तैयारी की गई है, वह अभी भी अधूरी है।

12 सालों में पांच सीएम ने दिए करार के आदेश

uttarakhand transport corporation didn't make one countersign with other state.

12 सालों में पांच मुख्यमंत्रियों ने उन प्रदेशों से करार करने के लिए कहा है जहां प्रदेश की बसें आती-जाती हैं। महकमा थोड़ी देर हरकत में आया और फिर ठंडा हो पाया। शासन के अधिकारियों की मानें तो राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब और हिमाचल से करार हो चुका है, बाकी प्रदेशों के साथ अक्तूबर और नवंबर में बैठक प्रस्तावित हैं। ढाई साल पहले पंजाब से हुए इस करार के पहले वर्ष 1983 के यूपी-पंजाब करार के सहारे प्रदेश से बसें संचालित की जा रही थीं।

इनका है कहना
जहां प्रदेश की बसें जाती हैं उन प्रांतों से जल्दी ही करार किया जाएगा। अफसरों से कह दिया गया है कि सारी तैयारी कर लें। करार जल्दी से जल्दी किया जाएगा जिससे बसों के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
-सीएस नपल्च्याल, सचिव, परिवहन विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed