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उत्तराखंड: आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा कैशलेस इलाज

Wed, 06 May 2020 02:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 06 May 2020 02:00 AM IST
सार

  • शासनादेश जारी, असीमित सीमा तक इलाज कराने की सुविधा
  • -योजना में आईपीडी और ओपीडी दोनों इलाज की मिलेगी सुविधा

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Uttarakhand: Three lakh employees and pensioners will get cashless treatment under Ayushman Yojana
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को असीमित खर्चे पर कैशलेस इलाज की सुविधा दे दी है। शासन ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। योजना में कर्मचारियों, पेंशनरों के लिए रेफर करने की शर्त नहीं होगी। योजना में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में सीधे इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

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एक साल से इंतजार कर रहे राजकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आखिरकार अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रदेश के लगभग तीन लाख कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को असीमित खर्चे पर कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा। इसके लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को सीजीएचएस की तर्ज पर प्रति माह अंशदान लिया जाएगा।
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अपर सचिव स्वास्थ्य अरूणेंद्र सिंह चौहान की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को इलाज के लिए योजना में खर्चे की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इलाज पर जितना खर्च आएगा। उसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। योजना में कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए आईपीडी और ओपीडी इलाज मिलेगा।

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आश्रितों में ये होंगे शामिल

योजना में कर्मचारियों और पेंशनरों के आश्रितों में माता-पिता, पति, पत्नी के साथ ही 25 वर्ष की आयु सीमा तक बेटा व बेटी, तलाकशुदा, विधवा पुत्री शामिल होंगे। जो पति पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। दोनों में से जो उच्चतर वेतनमान में कार्यरत होगा। उससे ही प्रतिमाह अंशदान लिया जाएगा। यदि दोनों कार्मिकों के माता-पिता उन पर आश्रित हैं तो इस स्थिति में दोनों को प्रति माह अंशदान देना होगा।

ओपीडी में दवाइयां खुद खरीदनी पड़ेगी
योजना में कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए ओपीडी इलाज की सेवा भी शामिल है। डॉक्टरों की ओर से लिखी गई दवाइयां या जांच की भुगतान कर्मचारियों को स्वयं करना पड़ेगा। इसकी प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाएगी।

गोल्डन कार्ड के लिए 30 रुपये शुल्क तय
राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों का गोल्डन कार्ड विभागीय आहरण वितरण अधिकारी के माध्यम से बनाया जाएगा। जबकि पेंशनरों का गोल्डन कार्ड मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय या मूूल विभाग के आहरण वितरण अधिकारी के माध्यम से बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 30 रुपये प्रति कार्ड का शुल्क रखा है।

सीजीएचएस की तर्ज पर प्रति माह अंशदान निर्धारित
श्रेणी अंशदान प्रति माह
वेतन लेवल 1 से 5 250 रुपये
वेतन लेवल 6 450 रुपये
वेतन लेवल 7 से 11 650 रुपये
वेतन लेवल 12 1000 रुपये

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