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शिक्षक तबादला नियमावली जारी, मानकों में कई संशोधन
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 24 Dec 2014 10:16 AM IST
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आखिरकार लंबे समय के बाद उत्तराखंड शिक्षा विभाग की तबादला नीति की नियमावली जारी हो ही गई। मंगलवार को विद्यालयी शिक्षा सचिव ने नियमावली का चौथा संशोधित स्वरूप को अधिसूचित किया।
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मार्च अंत तक सार्वजनिक होगी सूची
हालांकि नियमावली के जारी होने के बाद भी तबादले अगले सत्र में ही होंगे। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी का कहना है कि तबादला सूची हर हाल में मार्च अंत तक सार्वजनिक कर दी जाएगी।
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तबादला नियमावली जारी होने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। मंगलवार को जारी अधिसूचना में तबादला नियमावली में रेल हेड से दूरी को भी मानक बनाया गया।
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इसी तरह राजकीय महाविद्यालयों के श्रेणी निर्धारण में पहले की नियमावली की तरह ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी पर इसमें अब शिक्षक संघों के पदाधिकारियों को आमंत्रित सदस्य के रूप में लिया जाएगा। यह साफ कर दिया गया है कि शिक्षिकाओं का पहला तबादला दुर्गम क्षेत्र में नहीं किया जाएगा।
सैनिकों की पत्नि शिक्षिकाओं और स्वतंत्रत संग्राम सेनानियों से संबंधित को भी तबादलों राहत दी गई है। विद्यालयों की श्रेणी का निर्धारण रेलवे हेड से दूरी के आधार पर होगा। एक और संशोधन करते हुए। तबादलों में छूट का आधार शिक्षक के अलावा उसके बच्चों की गंभीर बीमारी को भी बनाया गया है।
शिक्षा मंत्री नैथानी के मुताबिक तबादलों की सूची को हर हाल में मार्च अंत तक अंतिम रूप देकर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इससे पहली अप्रैल को ही यह साफ हो जाए कि किसको कहां नियुक्ति देनी है। नियमावली में कई रियायतें दी गई हैं और रियायतों के प्रपत्र छपवाए जाने हैं। यह काम मार्च माह तक हर हाल में पूरा किया जाएगा।
ये हुए संशोधन
विद्यालयों की श्रेणी के आधार-सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, दूरसंचार, ऊंचाई, आवास, यातायात के साधन, बाजार और रेलवे स्टेशन से दूरी(रेलवे स्टेशन से दूरी का नया मानक जोड़ा गया)
- ए, बी, सी श्रेणी एक्स क्षेत्र(सुगम)
- डी, ई, एफ श्रेणी को वाई क्षेत्र(दुर्गम)
रियायत
- विधुर, सेना में कार्यरत सैनिक की पत्नि, जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुत्री का वाई क्षेत्र में तबादला नहीं होगा।
- ऐसे शिक्षक जिनके पति/पत्नि, कैंसर, एचआईवी, हृदय बायपास, हृदय सर्जरी, दोनो किडनी फेल (डायलिसस पर निर्भर), ब्रेन ट्यूमर जैसे मामलों में पदोन्नति पर तबादले में रियायत। ऐसे मामलों में अनिवार्य स्थानांतरण में भी छूट।
- 60 प्रतिशत या उससे अधिक शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों के शिक्षक माता-पिता तबादले केलिए आवेदन कर सकेंगे। पहले यह सीमा 70 प्रतिशत थी।
- दुर्गम क्षेत्र के किसी विद्यालय में पांच साल की सेवा पूरी कर चुकेशिक्षक वाई श्रेणी में ही अन्य वर्ग के विद्यालयों में तबादले का आवेदन कर सकेंगे।
- नियमावली में तबादलों का आधार नियमित उपस्थित अर्जित सेवा गुणांक को भी बनाया गया है। इसके लिए सत्र की कुल उपस्थिति में शासकीय कार्य दिवस जोड़ कर इसमें शैक्षिक सत्र के कार्यदिवस से भाग देकर गुणांक निकाला जाएगा। परीक्षा परिणाम को भी इसका आधार बनाया गया है।
- इसके साथ ही तबादलों का आधार संपूर्ण सेवाकाल को भी बनाया गया है।
रेलवे स्टेशन से दूरी
बी श्रेणी- देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, रुड़की, काशीपुर
सी श्रेणी- कोटद्वार, रामनगर, खटीमा, काठगोदाम, टनकपुर, लक्सर
किडनी फेल के मामले में झोल
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी हालांकि कह रहे हैं कि नियमावली में तबादलों में छूट का आधार एक किडनी फेल को भी बनाया गया है। पर नियमावली में दोनो किडनी फेल होने को ही तबादलों में छूट का आधार बनाया गया है। हालांकि इसमें डायलिसिस पर होने से तबादले में छूट का प्रावधान किया गया है।
दुर्गम से सुगम में आने का नहीं कोई रोड मैप
नियमावली से यह भी उम्मीद की जा रही थी कि दुर्गम में लंबे समय से तैनात शिक्षक सुगम में आ सकेंगे। पर यह नियमावली में पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है।