{"_id":"59ace96d4f1c1b03278b500d","slug":"uttarakhand-teacher-training-for-teach-this-course-in-schools","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को ये कोर्स पढ़ाने के लिए 29 हजार टीचर की लगेगी 'क्लास'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को ये कोर्स पढ़ाने के लिए 29 हजार टीचर की लगेगी 'क्लास'
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:22 PM IST
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अगले सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम शुरू होगा
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उत्तराखंड के विद्यालयों में ये कोर्स पढ़ाने के लिए 29 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा तीन और छह में विज्ञान इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने के लिए भी शिक्षकों को तैयार किया जा रहा है।
उत्तराखंड के विद्यालयों में एनसीईआरटी कोर्स पढ़ाया जाएगा, जिसके लिए यह ट्रेनिंग दी जाएगी। इंग्लिश मीडिएम के चक्कर में सभी कक्षाओं के छात्र कहीं फेल न हो जाएं, इसलिए कक्षा तीन और छह से विज्ञान में इंग्लिश मीडियम लागू किया गया है। स्टेट काउंसिल आफ एजूकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) तो ट्रेनिंग देगा ही, इसके साथ एनसीईआरटी के विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाएगा।
सीआईसीएसई को छोड़कर राज्य में सभी बोर्डों के विद्यालयों में अगले सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम शुरू किए जाने संबंधी शासनादेश के बाद अब शिक्षकों को अपडेट करने का खाका बनाया जा रहा है।
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उत्तराखंड के विद्यालयों में एनसीईआरटी कोर्स पढ़ाया जाएगा, जिसके लिए यह ट्रेनिंग दी जाएगी। इंग्लिश मीडिएम के चक्कर में सभी कक्षाओं के छात्र कहीं फेल न हो जाएं, इसलिए कक्षा तीन और छह से विज्ञान में इंग्लिश मीडियम लागू किया गया है। स्टेट काउंसिल आफ एजूकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) तो ट्रेनिंग देगा ही, इसके साथ एनसीईआरटी के विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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सीआईसीएसई को छोड़कर राज्य में सभी बोर्डों के विद्यालयों में अगले सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम शुरू किए जाने संबंधी शासनादेश के बाद अब शिक्षकों को अपडेट करने का खाका बनाया जा रहा है।
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बाई-लिंग्युल तरीके से पढ़ाया जाएगा
मुख्य मसला कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाए जाने का
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि हाई स्कूल और इंटर में तो छात्र यह पाठ्यक्रम पढ़ ही रहे हैं। मुख्य मसला कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाए जाने का है। इसके लिए छात्रों को तैयार करने के साथ शिक्षकों को भी अपडेट किया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को इंग्लिश मीडियम से अध्ययन और अध्यापन के लिए तैयार करने के मद्देनजर अगले सत्र से पहले कक्षा तीन और छह से शुरुआत होगी। छात्रों को बाई-लिंग्युल तरीके से पढ़ाया जाएगा। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषा मिश्रित रहेगी।
इसके बाद कक्षा तीन में पास होकर वही छात्र जब कक्षा चार में जाएगा तो उसे अंग्रेजी माध्यम में दिक्कत नहीं होगी। यही स्थिति कक्षा छह में भी रहेगी। निदेशक विद्यालयी शिक्षा आरके कुंवर ने बताया कि करीब 29 हजार शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। एससीईआरटी प्रशिक्षण देगा, जरूरत पड़ने पर एनसीईआरटी का भी सहयोग लिया जा सकता है।
सरकारी विद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को इंग्लिश मीडियम से अध्ययन और अध्यापन के लिए तैयार करने के मद्देनजर अगले सत्र से पहले कक्षा तीन और छह से शुरुआत होगी। छात्रों को बाई-लिंग्युल तरीके से पढ़ाया जाएगा। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषा मिश्रित रहेगी।
इसके बाद कक्षा तीन में पास होकर वही छात्र जब कक्षा चार में जाएगा तो उसे अंग्रेजी माध्यम में दिक्कत नहीं होगी। यही स्थिति कक्षा छह में भी रहेगी। निदेशक विद्यालयी शिक्षा आरके कुंवर ने बताया कि करीब 29 हजार शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। एससीईआरटी प्रशिक्षण देगा, जरूरत पड़ने पर एनसीईआरटी का भी सहयोग लिया जा सकता है।