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Uttarakhand: पत्थर ही बना था चंपावत में वाहन दुर्घटनाग्रस्त का कारण, 14 लोगों की छीन ली थी जिंदगी
Sat, 26 Feb 2022 02:32 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 26 Feb 2022 02:32 PM IST
सार
परिवहन विभाग के अधिकारियों की प्राथमिक रिपोर्ट परिवहन मुख्यालय को मिली है, जिसमें पहली मुख्य वजह यह मानी गई है कि कच्ची सड़क के एक मोड पर बड़े पत्थर पर टायर चढ़ने की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया था।
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चंपावत दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
टनकपुर-चंपावत हाईवे से जुड़ी सूखीढांग-डांडामीनार रोड पर हुई दुर्घटना की मुख्य वजह पत्थर था। परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से परिवहन मुख्यालय को भेजी गई प्राथमिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस हादसे में 14 लोगों की जान चली गई थी।
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टनकपुर-चंपावत हाईवे पर बीते सोमवार की देर रात करीब तीन बजकर 20 मिनट पर एक मैक्स अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। इस मैक्स में 16 लोग सवार थे, जिनमें से 14 की जान चली गई थी। भीषण हादसे की चंपावत के जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच बैठाई थी। इस बीच परिवहन विभाग के अधिकारियों की प्राथमिक रिपोर्ट परिवहन मुख्यालय को मिली।
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पत्थर पर टायर चढ़ने की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे की कई वजह थीं। पहली मुख्य वजह यह मानी गई है कि कच्ची सड़क के एक मोड पर बड़े पत्थर पर टायर चढ़ने की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। एक वजह यह भी है कि कच्ची सड़क पर जो मैक्स दुर्घटनाग्रस्त हुई, उस नौ सीटर वाहन में 16 सवारियां थीं। ओवरलोडिंग के साथ ही खतरनाक सड़क पर रात को वाहन चलाना भी दुर्घटना का मुख्य कारक साबित हुआ है।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उस क्षेत्र में इस सड़क को परिवहन विभाग की ओर से अभी तक अनुमति नहीं मिली हुई है। लिहाजा यहां कोई वाहन नहीं चलता। जो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह बरात से लौट रहा था। जिसने रास्ते में से भी सवारियां बैठाई थीं। हालांकि जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुए वाहन के सभी कागजात ठीक थे।
दुर्घटना रोकने के लिए फिर जारी हुए निर्देश
पिछले एक माह के भीतर पर्वतीय मार्गों पर बढ़ी रही दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन मुख्यालय ने ताजा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जहां पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा गया है तो वहीं परिवहन अधिकारियों को लगातार चेकिंग के निर्देश भी दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा समितियों के माध्यम से भी सुरक्षात्मक उपाय बढ़ाने का काम तेज किया गया है।
टनकपुर-चंपावत हाईवे से जुड़ी सड़क पर हुई दुर्घटना की प्राथमिक जांच रिपोर्ट आ गई है। हमने प्रदेशभर में रात में वाहन संचालन पर नजर रखने और ओवरलोडिंग पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेकिंग भी बढ़ाई गई है। -सुधांशु गर्ग, उप परिवहन आयुक्त, परिवहन मुख्यालय