फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand state movement in school syllabus.

सरकारी स्कूलों में शामिल हो राज्य आंदालन का पाठ

Fri, 04 Dec 2015 03:06 PM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 04 Dec 2015 03:06 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand state movement in school syllabus.

उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास और शहीदों की शहादत को सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों को नहीं पढ़ाया गया तो वह दिन दूर नहीं, जब अगली पीढ़ी इस ऐतिहासिक घटना को पूरी तरह से भुला देगी। उन्हें यह भी याद नहीं रहेगा कि कितनी कठिनाईयों और शहीदों की शहादत के बाद यह राज्य बना।

विज्ञापन


विकास, पर्यावरण एवं सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर युवा पीढ़ी संवेदनशील रहे इसके लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना जरूरी है। यह कहना है प्रदेश के वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों का। उन्होंने कहा कि इससे हैरान करने वाली बात और क्या होगी कि भावी पीढ़ी को राज्य गठन की तिथि तक ठीक से याद नहीं है।
विज्ञापन


उत्तराखंड अलग राज्य की मांग ‘पांच प’, पानी, पलायन, पर्यावरण, पर्यटन और पहचान को लेकर की गई। लेकिन राज्य बनने के 15 साल बाद भी इसके लिए संघर्ष जारी है। यदि नई पीढ़ी ने राज्य आंदोलन को भुला दिया तो इसके लिए संघर्ष कौन करेगा। हैरानी की बात है कि जिन लोगों को यह काम करना चाहिए था उनके पास आंदोलनकारियों की सूची तक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अतुल शर्मा, जनकवि

राज्य आंदोलन में सभी वर्गों की अहम भूमिका रही। आंदोलनकारियों ने लाठियां और सीने पर गोलियां खाईं। इस ऐतिहासिक घटना को जीवित रखने के लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। आंदोलन के अलावा यहां की विभूतियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

- डॉ. राम विनय सिंह, शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार

बच्चों को जब यह जानकारी रहेगी कि कितनी कठिनाईयों के बाद यह राज्य मिला, तभी वह विकास, पर्यावरण और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर संवेदनशील रहेंगे और राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी महसूस करेंगे। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि बच्चों को इसका प्रमाणिक इतिहास ही पढ़ाया जाए।
- नंद किशोर हटवाल, वरिष्ठ साहित्यकार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed