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उत्तराखंड: कैबिनेट ने लगाई मोहर, गैरसैंण में तीन से छह मार्च तक होगा बजट सत्र
Wed, 12 Feb 2020 01:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 12 Feb 2020 01:08 PM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज बुधवार को संपन्न हुई। इसमें फैसला लिया गया कि प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 3 मार्च से गैरसैंण में होगा। मंत्रिमंडल ने तीन से सात मार्च तक सत्र आयोजित करने को मंजूरी दे दी है।
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चार दिवसीय सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण होगा। शासकीय प्रवक्ता ने बताया कि अभी चार दिन का समय तय किया है, लेकिन हाउस में बिजनेस अधिक होने से इसे और बढ़ाने का प्रावधान रहेगा।
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इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से सरकार वार्ता कर सत्र अवधि को बढ़ा सकती है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट में रखे गए 13 प्रस्तावों में से 10 पर मंजूरी दी गई है। वहीं तीन प्रस्तावों पर अगली बैठक में चर्चा में होगी।
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कार्बेट इको सेंसिटिव जोन से गांव बाहर
कार्बेट टाइगर रिजर्व के प्रस्तावित ईको सेंसिटिव जोन से समस्त गांवों को बाहर कर दिया है। ईको सेंसिटिव जोन का अधिकतम विस्तार 7.96 किलोमीटर तथा न्यूनतम शून्य रखा गया है। सैंतीस हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र इसके तहत आएगा।
इसेक अलावा खनन, पेड़ों का कटान, आरा मशीन, उद्योगों की स्थापना, नए होटल और रिसोर्ट, भू जलसंचयन आदि के लिए प्रावधान तय कर दिये हैं। इससे अलग होने वाली गतिविधि पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
नए उद्योगों को मिलेगी बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की जमीन
नैनीताल जिले के रानीबाग में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45.62 एकड़ भूमि को प्रदेश सरकार लगभग 72 करोड़ में खरीदेगी। इसके लिए मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस भूमि को सरकार इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित कर नए उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को देगी।
केंद्र सरकार ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) को भूमि प्रबंध एजेंसी के रूप में नियुक्त किया है। केंद्र के निर्णय के अनुसार एचएमटी फैक्ट्री की कुल 92.26 एकड़ भूमि है। इसमें 33.32 एकड़ वन भूमि और 13.32 एकड़ लीज पर ली गई राजस्व भूमि संबंधित विभाग को वापस कर दी गई।
शेष 45.62 एकड़ भूमि जंतवाल व अमृतपुर गांव में है। वहीं, रानीबाग, चक बसुटिया, अमृतपुर में फैक्ट्री 548709 वर्ग फीट भूमि पर भवन बने हैं। केंद्र ने शेष भूमि व भवन का कुल मूल्य 72 करोड़ तय किया है। अब सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नए उद्योगों के लिए इस भूमि को खरीदेगी।
केंद्र सरकार ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) को भूमि प्रबंध एजेंसी के रूप में नियुक्त किया है। केंद्र के निर्णय के अनुसार एचएमटी फैक्ट्री की कुल 92.26 एकड़ भूमि है। इसमें 33.32 एकड़ वन भूमि और 13.32 एकड़ लीज पर ली गई राजस्व भूमि संबंधित विभाग को वापस कर दी गई।
शेष 45.62 एकड़ भूमि जंतवाल व अमृतपुर गांव में है। वहीं, रानीबाग, चक बसुटिया, अमृतपुर में फैक्ट्री 548709 वर्ग फीट भूमि पर भवन बने हैं। केंद्र ने शेष भूमि व भवन का कुल मूल्य 72 करोड़ तय किया है। अब सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नए उद्योगों के लिए इस भूमि को खरीदेगी।