उत्तराखंड सचिवालय में नहीं है कोई '420'
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उत्तराखंड की तरक्की और दशा-दिशा तय करने वाले आला अफसर अंधविश्वासों के मकड़जाल से आज तक नहीं निकल पाए हैं। इसकी बानगी उत्तराखंड सचिवालय में कमरा नंबर 420 खोजते वक्त साफ नजर आ जाएगी।
अंक ज्योतिष पर भरोसा रखने वाले अफसरों में 420 का खौफ इस कदर है कि सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में इसे कमरे की शक्ल दी ही नहीं गई। अफसर मानते हैं कि यह नंबर शुभ नहीं है।
यह धोखेबाजी और घपले से जुड़ा नंबर है, इसीलिए इसे हटा दिया गया है। सचिवालय के चतुर्थ तल पर मुख्यमंत्री कार्यालय के दाहिनी ओर कमरा नंबर 401 में सीएम ऑफिस है। इसके बाद 402 से क्रमानुसार बाकी कमरे हैं। बाई ओर सीएम के निजी सचिव अकील अहमद बैठते हैं।
कुछ आगे 412 नंबर में सलाहकार इंदु कुमार, 414 में सलाहकार रंजीत रावत, 419 नंबर मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी डा. मनोज शर्मा का कमरा है। मगर पूरे कार्यालय में 420 नंबर का कोई कमरा नहीं है। पड़ताल में पता चला कि 401 से लेकर कमरा नंबर 419 और 421 तो हैं, लेकिन 420 नहीं है।
420 नंबर पर कोई कमरा दर्ज नहीं
अफसरों के मुताबिक 420 नंबर फ्रॉड, जालसाजी और अशुभ है। इसे कोई नहीं लेना चाहता। पहले भाजपा, अब कांग्रेस सरकार में भी इस नंबर पर कोई कमरा दर्ज नहीं है।
यह फर्जीवाड़े से जुड़ा नंबर है। इसे भला कौन लेगा? खंडूड़ी सरकार में भी यह नंबर नहीं था। अब भी नहीं है। हमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जिस तरह नंबर मिले थे, वही आवंटित किए हैं।
- ओपी पांडे, व्यवस्था प्रभारी सचिवालय
अफसरों के कार्यालय से 420 नंबर गायब होना अंधविश्वास को दर्शाता है। अधिकारी धोखाधड़ी से जुड़े इस नंबर के चक्कर में न पड़कर भ्रष्टाचार दूर करने की कोशिश करते तो प्रदेश का विकास होता।
- शांति भट्ट, राज्य आंदोलनकारी
यहां 13 नंबर का खौफ
सिर्फ उत्तराखंड सचिवालय ही नहीं, देश-विदेश में भी अंकों को लेकर कई अंधविश्वास हैं। चंडीगढ़ में 13 को अशुभ मानते हुए 13 सेक्टर नहीं है तो इंग्लैंड में इसे भूतिया मानते हुए इस नंबर का कोई घर नहीं है।