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उत्तराखंड: एसडीआरएफ के राजेंद्र नाथ और सीबीटीएस की चार सदस्यी टीम ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को किया फतह
Mon, 16 Aug 2021 02:59 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 16 Aug 2021 02:59 PM IST
सार
राजेन्द्र नाथ ने 12 अगस्त को बहुत खराब मौसम में यूरोप महाद्वीप स्थित सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह करके इतिहास रचा है।
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राजेंद्र नाथ ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को किया फतह
- फोटो : ट्विटर ANI
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विस्तार
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कांस्टेबल राजेंद्र नाथ ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह किया है। एसडीआरएफ ने जानकारी देते हुए कहा कि यह उपलब्धि हासिल करने वाले राजेंद्र नाथ राज्य के पहले पुलिसकर्मी बने हैं।
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राजेन्द्र नाथ ने 12 अगस्त को बहुत खराब मौसम में यूरोप महाद्वीप स्थित सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह करके इतिहास रचा है। 360 एक्सप्लोरर महाराष्ट्र द्वारा 9 अगस्त से 17 अगस्त 2021 तक माउंट एलब्रुस (5642 मीटर) पर एक्सपीडिशन का आयोजन किया गया था।
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जिसका उदेश्य स्वतंत्रता दिवस पर माउंट एलब्रुस पर आरोहण कर भारतीय ध्वज फहराना था। 13,14,15 अगस्त को खराब मौसम की चेतावनी के चलते टीम ने बड़ा साहस दिखाते हुए 12 अगस्त को ही एल्ब्रुस को फतह कर वहां तिरंगा फहराया।
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वर्ष 2001 से पुलिस में सेवा दे रहे आरक्षी राजेंद्र नाथ पूर्व में भी एक कीर्तिमान हासिल कर चुके हैं, जिसमें वे उत्तराखंड के प्रथम पुलिसकर्मी बने हैं, जिन्होंने माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया था। माउंट त्रिशूल को पर्वतारोहियों द्वारा प्री-एवरेस्ट के रूप में किया जाता है।
राजेंद्र नाथ ने पूर्व में भी सतोपंथ, चंद्रभागा-13 (6264 मीटर) एवं डीकेडी-2 (5670 मीटर) का भी सफलतापूर्वक आरोहण किया था। पूरे देश में राजेंद्र नाथ की बड़ी सराहना हो रही है।
सीबीटीएस की चार सदस्यी टीम ने भी फतह की यूरोप की सबसे ऊंची चोटी
पिथौरागढ़ की क्लाइम्बिंग बियॉन्ड द समिट्स (सीबीटीएस) द्वारा आयोजित एक्सपीडिशन में चार सदस्यों की टीम ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा लहराकर आजादी का जश्न मनाया। इस टीम को कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल के एडवेंचर विंग में कार्यरत 25 वर्षीय विख्यात युवा महिला पर्वतारोही शीतल कर रही थीं।
शीतल ने एवरेस्ट, कंचनजंगा और अन्नपूर्णा जैसे दुर्गम पर्वतो को फतह किया है। उनके नाम कंचनजंगा और अन्नपूर्णा फतह करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला होने का रिकॉर्ड है। एल्ब्रुस पर्वत एक सुप्त ज्वालामुखी है जो कॉकस पर्वत शृंखला में स्थित है।
एवरेस्ट विजेता और सीबीटीएस के संस्थापक योगेश गर्ब्याल ने बताया की शीतल बहुत ही गरीब परिवार से आती हैं। उनके पिता पिथौरागढ़ में लोकल टैक्सी चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
टीम में राजस्थान के जुड़वां भाई तपन देव सिंह और तरुण देव सिंह भी थे और वो एल्ब्रुस फतह करने वाले भारत के पहले जुड़वां भाई बने। टीम के चौथे सदस्य लद्दाख से जिगमित थरचिन थे। जिन्होंने ने इसी साल माउंट एवेरेस्ट को फतह किया था। जिगमित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले युवा बने हैं, जिन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी को फतह किया है।