उत्तराखंड: 10 महीने बाद खुले स्कूल, पहले दिन 60 फीसदी से अधिक रही उपस्थिति
प्रदेश में कोविड-19 की वजह से दस महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार से स्कूलों में भौतिक रूप से पढ़ाई शुरू हो गई। पहले दिन औसतन 60 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक स्कूल में प्रवेश से पहले सभी छात्रों और शिक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। वही इससे पहले स्कूलों को सैनिटाइज किया गया। जीआईसी डोभालवाला के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह बिष्ट के मुताबिक उनके स्कूल में छात्रों की उपस्थिति 60 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि पहला दिन होने की वजह से कम बच्चे स्कूल आए। अगले कुछ दिनों में छात्र संख्या बढ़ सकती है।
रुद्रप्रयाग जिले के राजकीय इंटर कालेज चंद्रनगर के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक कई महीनों बाद स्कूल खुलने पर बच्चों में गजब का उत्साह नजर आया। 75 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंचे। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर नहीं आए थे। इस पर उन्हें अगले दिन इसे लेकर आने के लिए कहा गया है। शहनशाही इंटर कॉलेज राजपुर रोड के प्रिंसिपल पीसी सुयाल बताते हैं कि स्कूल खुलने से एक दिन पहले अभिभावकों की बैठक ली गई थी। जिसमें अभिभावकों को एसओपी के बारे में जानकारी दी गई। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों को स्कूल मास्क पहनाकर भेजें।
आज से सामान्य रूप से खुला दून विवि
दून विश्वविद्यालय सोमवार से सामान्य रूप से खुला गया है। विवि में सभी कोर्सों की ऑफलाइन कक्षाएं चलेंगी। हॉस्टल के छात्रों को भी प्रवेश मिल रहा है। हालांकि, प्रवेश पाने वाले छात्रों व शिक्षकों को विवि की सख्त गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि छात्रों को अभिभावक सहमतिपत्र लाना अनिवार्य है। हॉस्टल के छात्रों को अभिभावक सहमति के साथ कोविड जांच रिपोर्ट भी दिखानी होगी। हॉस्टल में भी गाइडलाइन के तहत व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। हॉल व कमरों में क्षमता से आधे बेड लगाए गए हैं। कहा कि सभी कोर्सों की ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन
स्कूल आने वाले छात्रों को हैंडवाश, सैनिटाइजेशन व थर्मल स्कैनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया गया। यह भी तय किया गया कि छात्र के मास्क पहनने के बाद ही उसे स्कूल में प्रवेश की अनुमति दी जाए।
कक्षाओं की छुट्टी का समय होगा अलग-अलग
स्कूल में प्रवेश तथा छुट्टी के समय मेन गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। यह भी देखना होगा कि सभी छात्रों की छुट्टी एक साथ न कर अलग-अलग कक्षाओं की छुट्टी अलग-अलग समय पर की जाए।
खुले नौ हजार से अधिक स्कूल
प्रदेश में छह से 12 वीं तक नौ हजार से अधिक स्कूल खुल गए हैं। जिनमें उच्च प्राथमिक सरकारी, अशासकीय और प्राइवेट स्कूलों की संख्या 5452 है। जबकि 1354 हाईस्कूल और 2479 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं।
एक से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों पर अभी नहीं लिया गया निर्णय
प्रदेश में एक से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल अभी बंद रहेंगे। इन स्कूलों को खोले जाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ। इन स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन क्लास जारी रहेगी।
अप्रैल से शुरू होंगे 190 अटल उत्कृष्ट स्कूल
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश में एक अप्रैल से 190 अटल उत्कृष्ट स्कूल शुरू किए जाएंगे। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने इसके लिए अधिकारियों एवं संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपलों को इनसे संबंधित कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर ब्लॉक में दो अटल उत्कृष्ट स्कूल शुरू किए जाने हैं। इसके लिए सरकारी स्कूलों का चयन कर लिया गया है लेकिन देखने में आया है कि कुछ स्कूलों के पास भूमि नहीं है। इसके अलावा अन्य संसाधनों की भी कमी बनी है। उन्होंने इसके लिए संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारियों को यह देखना चाहिए था कि स्कूलों के पास भूमि है या नहीं।
इस पर कुछ सीईओे ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक के कहने पर संबंधित स्कूल का प्रस्ताव भेजा गया था। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों के पास भूमि नहीं हैं उन स्कूलों को बदला जाएगा। बैठक में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती, सीईओ देहरादून आशा पैन्यूली, उप निदेशक नागेंद्र बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।
दो सप्ताह बाद प्राथमिक विद्यालय खोलने पर करेंगे विचार
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि सोमवार से प्रदेश के 6 से 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खुल चुके हैं। जिसके दो सप्ताह बाद प्राथमिक विद्यालय खोलने पर भी विचार किया जाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही इन स्कूलों को खोला जाएगा।
गेस्ट टीचरों की नियुक्ति के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं। उन स्कूलों में गेस्ट टीचरों की तैनाती की जाए। कुछ गेस्ट टीचरों ने मंत्री को बताया कि मेरिट लिस्ट में होने के बावजूद विभाग की ओर से उन्हें तैनाती नहीं दी गई।
बच्चों के खातों में पहुंचे किताबों के लिए धनराशि
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तकों की धनराशि शीघ्र बच्चों के खाते में जमा होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित जिले के सीईओ और डीईओ बच्चों के पास पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। ऐसा न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।