उत्तराखंड छात्रवृत्ति घोटाला: समाज कल्याण अधिकारियों से आज होगी पूछताछ
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छात्रवृत्ति घोटाले में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर कार्रवाई के साथ अब समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से पूछताछ होगी। एसआईटी ने विभाग के नोडल अधिकारी आईटी सेल अनुराग शंखधर और तीन सहायक समाज कल्याण अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। शनिवार को एसआईटी इन अधिकारियों से पूछताछ करेगी।
एसआईटी हरिद्वार के शिक्षण संस्थानों में अब तक करीब पचास करोड़ का घोटाला पकड़ चुकी है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में विभिन्न संस्थानों के पांच पदाधिकारियों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें एक मंगलौर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का भाई तो दूसरा रुड़की क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सुरेश चंद जैन का भतीजा है।
घोटाले का एक मुकदमा देहरादून में भी विचाराधीन है। एसआईटी कई संस्थानों के दस्तावेजों के सत्यापन में जुटी है। देर-सवेर देहरादून के शिक्षण संस्थान संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है। इस छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की आवाज लगातार उठ रही है।
संबंधित विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी
अब एसआईटी ने हरिद्वार जिले के घोटालों से संबंधित विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर शनिवार को अपने ऑफिस में बुलाया है, जहां पर उनसे पूछताछ की जाएगी। नोटिस जारी होने से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप है। बता दें कि नोडल अधिकारी एसआईटी अनुराग शंखधर दो बार हरिद्वार के जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे।
पहला कार्यकाल 17 अप्रैल 2006 से लेकर 21 सितंबर 2008 तक रहा। दूसरी बार उनकी तैनाती एक अगस्त 2012 से लेकर 27 मई 2014 तक रही है। 2010 से लेकर 2015 तक वितरित हुई छात्रवृत्ति में सबसे ज्यादा धांधली होने का आरोप है।
छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। कई शिक्षण संस्थानों द्वारा फर्जी दस्तावेज से हड़पी गई छात्रवृत्ति के मामले में इन अधिकारियाें से पूछताछ की जाएगी।
- टीसी मंजूनाथ, प्रभारी एसआईटी
एसआईटी ने इन्हें जारी किया नोटिस
-अनुराग शंखधर नोडल अधिकारी आईटी सेल (तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, हरिद्वार)
-मुनीष त्यागी, तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी,
-विनोद कुमार नैथानी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, खानपुर
-सोमप्रकाश, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, भगवानपुर