छात्रवृत्ति घोटाला: बाहरी राज्यों के 210 संस्थानों को मिल सकती है क्लीनचिट, काशीपुर और जसपुर में मुकदमे दर्ज
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे बाहरी राज्यों के 210 शैक्षिक संस्थानों को क्लीन चिट मिलने का रास्ता साफ हो गया है। एसआईटी जांच में इन शैक्षिक संस्थानों में अब तक कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। 60 शैक्षिक संस्थानों पर करोड़ों रुपये गबन करने पर एसआईटी विभिन्न थाना, चौकियों पर केस दर्ज करा चुकी है।
ऊधमसिंहनगर के तीन हजार से अधिक एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को बाहरी कॉलेजों में दाखिला दिखाकर छात्रवृत्ति घोटाला किया गया था। एसआईटी गठित होने के बाद 2019 में घोटाले की जांच शुरू हो गई। हरियाणा, मेरठ, राजस्थान, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब समेत 270 शैक्षिक संस्थानों ने विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्स कराने के नाम पर फर्जी तरीके से 14 करोड़ रुपये हड़प लिए थे।
एसआईटी ने विद्यार्थियों के दस्तावेजों व बैंक खातों का भौतिक सत्यापन किया तो परतें खुलनी शुरू हुईं। बाहरी राज्यों के 60 शैक्षिक संस्थानों और 55 से अधिक दलालों के खिलाफ 14 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में एसआईटी जिले के विभिन्न थाना, चौकियों में केस दर्ज करा चुकी है।
जसपुर थाने में सबसे अधिक मामले दर्ज
छात्रवृत्ति घोटाले में सबसे अधिक लोग जसपुर के लिप्त हैं। शैक्षिक संस्थानों ने दलालों के माध्यम से विद्यार्थियों के दस्तावेज एकत्र कर छात्रवृत्ति तो हड़प ली लेकिन कोर्स नहीं कराया। विद्यार्थियों के बैंक खाते में गलती से रकम पहुंचने पर भी उसे दलालों के माध्यम से वापस ले लिया गया। जिले में छात्रवृत्ति घोटाले के सबसे अधिक मामले अब तक जसपुर थाने में ही दर्ज हैं।
यूएसनगर में सबसे बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला
यूएसनगर में सबसे बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला होने का खुलासा एसआईटी कर चुकी है। 60 करोड़ से अधिक रुपये का घोटाला शैक्षिक संस्थानों और दलालों की सांठगांठ से हुआ है। एसआईटी ने जिले के 215 शैक्षिक संस्थानों को जांच के दायरे में शामिल किया है। इसमें 80 सरकारी और 137 निजी शैक्षिक संस्थान शामिल हैं।
बाहरी राज्यों के 270 शैक्षिक संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के दायरे में शामिल किया गया था। अब तक 60 शैक्षिक संस्थानों में गड़बड़ी मिली है। 210 शैक्षिक संस्थानों में कोई गड़बड़ी न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दी जा सकती है।
-देवेंद्र पींचा, एसआईटी प्रभारी।
छात्रवृत्ति घोटाले में काशीपुर और जसपुर में मुकदमे दर्ज
छात्रवृत्ति घोटाले में लंबे समय के बाद एसआईटी सक्रिय हो गई है। एसआईटी ने काशीपुर में एक व्यक्ति, हरियाणा के एक कॉलेज प्रबंधक, जिला समाज कल्याण अधिकारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर छात्रों के फर्जी प्रवेश दर्शाकर 16.10 लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़पी गई है। वहीं, जसपुर में आठ लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने पर एक महिला समेत नौ लोगों पर सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
एसआईटी निरीक्षक जीबी जोशी ने बताया कि हरियाणा के शक्ति कॉलेज ऑफ एजुकेशन, देवास (महेंद्रगढ़) से छात्रवृत्ति का लाभ लेने वाले छात्रों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो उनके नामों पर धोखाधड़ी से छात्रवृत्ति की राशि हड़पे जाने का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि आवास विकास निवासी सुनील कुमार, कटोराताल निवासी आदित्य कुमार, न्यू आवास-विकास निवासी वैभव, बलदेव सिंह, राहुल के नाम से सिंडिकेट बैंक की काशीपुर शाखा में खाते खोले गए। ये सभी खाते जनधन योजना के तहत खोले गए। ये खाते आवास विकास निवासी नवीन अरोड़ा ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर खुलवाए और इन खातों के एटीएम कार्ड भी नवीन ने प्राप्त कर लिए।
इन छात्रों का उपर्युक्त कॉलेज में बीएड में प्रवेश दर्शाकर समाज कल्याण विभाग और संस्थान प्रबंधन की मिलीभगत से छात्रवृत्ति की 16.10 लाख रुपये की रकम हड़प ली। पुलिस ने आरोपी युवक, कॉलेज के प्रबंधक, संचालक और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों समेत कुल छह पर धारा 420, 409, 460, 468, 471 व 120 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसआई सतीश चंद कापड़ी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
उधर, एसआईटी प्रभारी बीबी आर्य ने जसपुर में दर्ज कराए मुकदमों में कहा कि दिग्विजय सिंह निवासी मंडुआखेड़ा हाल निवासी पंजाबी कालोनी जसपुर, सत्येंद्र कुमार निवासी नत्थासिंह, बिटटू शर्मा, देवेंद्र सिंह ग्राम बढ़ियोवाला, राजा बाबू निवासी ग्राम ध्याननगर, आरिफ, अभिनव चौधरी निवासी लक्ष्मीपुर काशीपुर, नवीन अरोरा आवास विकास काशीपुर ने आईएफटीएम कॉलेज मुरादाबाद, बालाजी व बाबा मोहनदास रेवाड़ी हरियाणा, विवेक लॉ कॉलेज बिजनौर, शरन कॉलेज घुड़कंडी कांगड़ा हिमाचल के साथ मिलकर छात्र-छात्राओं के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। प्रवेश के जरिये छात्रवृत्ति आवंटित कराकर सरकार के आठ लाख रुपये हड़प लिये।
आरोपी सत्येंद्र कुमार निवासी नत्थासिंह नगर पालिका का सभासद है। वर्तमान में वह जमानत पर है। वहीं, अज्ञात बिचौलियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में समाज कल्याण कार्मिक एवं कॉलेज की भूमिका जांच के घेरे में है। एसआईटी प्रभारी बीबी आर्य एवं जीबी जोशी ने इन सात मुकदमों में 52 छात्र-छात्राओं के नामों को सत्यापित किया। सत्यापन के दौरान सभी के नाम पते गलत पाए गए। कोतवाल एनबी भट्ट ने बताया कि केस दर्ज कर लिए गए हैं। उधर, मोहल्ला गुजरातियान की महिला पूजा रानी ने स्वयं को ओबीसी बताकर 39600 की छात्रवृत्ति हड़प ली। पूजा ने गुरुकुल भारती कॉलेज चांदपुर जिला बिलासपुर हिमाचल से बीएड किया था। इस कॉलेज में उसने अपनी जाति सामान्य बताई थी।