उत्तराखंड का पहला साइंस पार्क बनकर तैयार, जानिए खूबियां
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डायनासोर, हिमालय, अमरनाथ गुफा, तारामंडल... बच्चे जिन शब्दों को किताबों में पढ़कर कल्पनाएं विकसित करते हैं, उन्हें अब देहरादून में देखा जा सकता है। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं तकनीकी प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के झाझरा स्थित परिसर में प्रदेश का पहला साइंस पार्क तैयार हो चुका है। जल्द ही इसमें एंट्री खोल दी जाएगी।
यहां आने वाला हर शख्स विज्ञान को व्यवहारिक तौर पर समझ सकेगा। यहां न केवल नैनो टेक्नोलॉजी के दर्शन होंगे, बल्कि बच्चे खुद बैठकर इनोवेशन भी कर सकेंगे। यह अनोखा साइंस पार्क न केवल उत्तराखंड, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के बच्चों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
यह पार्क दो हिस्सों में में बंटा है। बाहरी हिस्से में सभी भारतीय वैज्ञानिकों की मूर्तियों के साथ ही विज्ञान से जुड़ी कई जानकारियों को फिजिक्स, केमिस्ट्री के माध्यम से दर्शाया गया है। भीतर घुसने पर विज्ञान के परंपरागत से लेकर अत्याधुनिक रंग देखने को मिलते हैं। 30 सितंबर तक पार्क यूकॉस्ट के हवाले कर दिया जाएगा।
देखिए, पार्क के अंदर क्या है खास?
डायनासोर की प्रजातियां: विशालकाय जीव डायनासोर अभी तक टीवी और किताबों में देखे होंगे, लेकिन यहां आपको डायनासोर की कई प्रजातियों के बारे में जानने को मिलेगा। खास बात यह है कि किस प्रजाति का कौन सा डायनासोर कब और कहां हुआ करता था, इसकी भी पूरी जानकारी यहां मिल जाएगी।
फन साइंस गैलरी
भीतर घुसने पर फन साइंस गैलरी देखने को मिलती है। इसमें एनर्जी वॉल, स्प्रिंग मिरर, एयर प्रेशर, फन मिरर, वेव मॉशन, स्नेक पेंडुलम बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां फिजिक्स के माध्यम से बच्चे मनोरंजक तरीके से विज्ञान को समझ सकेंगे।
यह भी हैं खास
साइंस पार्क में थ्री डी सिनेमा हॉल बनाया गया है, जिसमें एक बार में 50 बच्चे विज्ञान से जुड़ी थ्री डी फिल्म देख सकते हैं। एमआरआई, मेडिकल से जुड़ी तमाम जानकारियों का यहां लाइव डेमोस्ट्रेशन किया जाएगा।
तस्वीरों में देखें, उत्तराखंड के पहला साइंस पार्क
इसके अलावा इकोलॉजिकल वॉच, पेंडुलम, थ्री डी हाउस सहित कई चीजें ऐसी हैं, जिनसे विज्ञान को आसानी से समझा जा सकेगा।
पार्क के भीतर देश का पहला हिमालय पार्क
डेमोस्ट्रेटर सोनिया भंडारी और पंकज रावत ने बताया कि साइंस पार्क के भीतर देश का पहला हिमालय पार्क बनाया गया है। इस पार्क में हिमालय की प्रतिकृति बनाई गई है। इसमें हिमालय की सभी नौ ऊंची पर्वत चोटियां भी बनाई गई हैं। जैसे ही किसी चोटी के नाम के नीचे बने बटन को दबाएंगे तो उस चोटी की पूरी जानकारी न केवल स्क्रीन पर आ जाएगी, बल्कि हिमालय की प्रतिकृति में भी वह साफ नजर आने लगेगी।
इसके साथ ही नंदा देवी और आसपास के पर्वत चोटियों की भी प्रतिकृति बनाई गई हैं। यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुकशाल और अमित पोखरियाल ने बताया कि यह देश का अपनी तरह का पहला पार्क है। इसमें हिमालय की पूरी इकोलॉजी, संस्कृति से लेकर एडवेंचर गेम्स भी दिखाए गए हैं।
बाबा अमरनाथ की गुफा
अगर आप कभी बाबा अमरनाथ के दर्शन करने नहीं गए हैं तो साइंस के सहयोग से दून में ही इसके दर्शन कर सकते हैं। हिमालयन पार्क के भीतर बाबा अमरनाथ की गुफा और शिवलिंग बनाया गया है। इसमें भीतर फ्रीजर लगाया गया है, जिसके माध्यम से महज 20 मिनट में पूरी गुफा में बर्फ जम जाती है।
बच्चे बनेंगे साइंटिस्ट, करेंगे एक्सपेरिमेंट
आपने विज्ञान में बहुत सी बातें पढ़ी होंगी, लेकिन कभी उनका प्रयोग नहीं किया होगा। या फिर कोई नया प्रयोग करना चाहते हैं तो साइंस पार्क का इनोवेशन हब यह जरूरत पूरी करेगा। यहां बच्चे खुद एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं। बच्चे यहां रॉकेट, खाली बोतल से रेसिंग कार, स्पीकर भी बना सकते हैं। इसके अलावा यहां बनाए जाने वाले तारामंडल से आकाश गंगा और आकाश की तमाम बातें जानने, देखने और समझने का मौका मिलेगा।
इनका है कहना
यह साइंस पार्क नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यूजियम की ओर से तैयार किया जा रहा है। इसमें 50 प्रतिशत बजट राज्य सरकार और 50 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार वहन कर रही है। पार्क तैयार होने के बाद इसकी देखभाल यूकॉस्ट करेगा। इसमें स्कूली बच्चों के भ्रमण के लिए टिकट की व्यवस्था की जाने की योजना है। सितंबर में पार्क तैयार होने के बाद अक्तूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर में हम पार्क आम जनता के लिए खोल देंगे।
-डॉ. राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक, यूकॉस्ट