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रुद्रपुर: युवक के माथे में चाबी घोंपने का मामला, पुलिस पर पथराव करने वाले 150 अज्ञात लोगों पर 

Tue, 28 Jul 2020 10:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 28 Jul 2020 10:52 PM IST
सार

  • अज्ञात सीपीयू कर्मी पर भी कई धाराओं में मुकदमा दर्ज 
  • प्रदेश में सीपीयू में पांच साल तैनात रहे 67 दरोगा और कांस्टेबल हटेंगे
  • सीपीयू कर्मी की गलती मानते हैं लेकिन पथराव बर्दाश्त नहीं : आईजी

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Uttarakhand Rudrapur Ruckus case: Lawsuit on 150  Unknown People
रुद्रपुर में बवाल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में सोमवार रात को रामपुर हाईवे को जाम कर पुलिस कर्मियों और कोतवाली में पथराव करने वाले रंपुरा के 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने बलवा समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की विवेचना किच्छा एसएचओ उमेश मलिक को सौंपी गई है। इधर, घायल युवक की तहरीर पर अज्ञात सीपीयू कर्मी के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 

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मंगलवार सुबह कोतवाल केसी भट्ट ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि सोमवार की रात आठ से सवा आठ बजे के बीच उन्हें सूचना मिली कि इंदिरा चौक पर चेकिंग के दौरान सीपीयू कर्मी ने वार्ड 23 रंपुरा निवासी दीपक के माथे में चाबी घोंप दी है। वह कोतवाली के बाहर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले जाने लगे। इसी दौरान भीड़ ने विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ सीपीयू कर्मी को मौके पर बुलाने पर अड़े थे। हंगामा बढ़ने के बाद सीओ अमित कुमार और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों के समझाने पर दीपक के परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजने पर राजी हो गए थे। 
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वह घायल दीपक को सरकारी गाड़ी से अस्पताल ले जा रहे थे कि भीड़ भी कार के पीछे हाईवे पर आ गई और समझाने के बावजूद ईंट और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। चीता कर्मी विजय कार्की के हाथ -पैर में पत्थर लगने से वह चोटिल हो गए। उसका आरटी सैट एवं बाइक में लगी एमडीटी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। पथराव के बाद पंतनगर, पुलभट्टा, गदरपुर एसओ के साथ ही किच्छा एसएचओ को मौके पर बुलाया गया। कहा कि भीड़ ने लॉकडाउन का उल्लंघन और सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली। तहरीर पर पुलिस ने 150 अज्ञात उपद्रवियों पर धारा 147, 149, 186, 332, 353, 336, 427, 188, 269, 270 आईपीसी व 51 ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। 
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दूसरी ओर, घायल युवक दीपक की ओर से भी मामले में तहरीर दी गई है। कहा कि माथे पर चाबी मारने के बाद सीपीयू कर्मी ने उसे गालीगलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उसने भागकर अपनी जान बचाई। सीओ अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात सीपीयू कर्मी के खिलाफ धारा 323, 325, 504, 506 आईपीसी के साथ ही एससी, एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। कहा कि एसएसपी के आदेश के बाद मामले की जांच के लिए विवेचक नियुक्त किया जाएगा। 

पुलिस और कोतवाली में पथराव करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच सीओ बाजपुर दीपशिखा अग्रवाल और केस दर्ज होने के बाद विवेचना किच्छा एसएचओ उमेश मलिक को सौंपी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कानून को कोई अपने हाथ में नहीं ले सकता है।
- दलीप सिंह कुंवर, एसएसपी

प्रदेश में सीपीयू में पांच साल तैनात रहे 67 दरोगा और कांस्टेबल हटेंगे

प्रदेश के चार मैदानी जिलों में यातायात व्यवस्था में सुधार का जिम्मा संभाले सीपीयू की विवादों का ग्राफ बढ़ रहा है। इसे देखते हुए यातायात निदेशालय ने पांच साल सीपीयू में ड्यूटी कर चुके 67 पुलिसकर्मियों को मूल ड्यूटी में भेजने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इनकी जगह नए कार्मिकों के लिए पीएसी और आईआरबी से जवानों के नाम मांगे गए हैं। सभी वाहिनियों से नाम आने के बाद साक्षात्कार के बाद कर्मियों को सीपीयू में तैनाती दी जाएगी।

देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में वर्तमान में सीपीयू तैनात है। सीपीयू कर्मियों को लोगों का यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने के साथ ही वाहनों के चालान और सीज की कार्रवाई भी करते हैं लेकिन सीपीयू कर्मियों की लोगों के साथ विवादों की सूची भी लंबी हो रही है। रुद्रपुर में कमोवेश हर साल एक बड़ा बखेड़ा सीपीयू कर्मियों की चेकिंग के दौरान खड़ा होता रहा है। सीपीयू कर्मियों पर खराब बर्ताव करने के आरोप भी लगते रहते हैं। विवादों की स्थिति सिर्फ ऊधमसिंह नगर में ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी है। इसकी एक वजह सीपीयू में कर्मियों के लंबे समय से यहां जमे रहना भी है। इसी के चलते यातायात निदेशालय ने पांच साल सीपीयू में कर्मियों को हटाने का फैसला किया है।

यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि सीपीयू में 67 दरोगा और कांस्टेबलों को पांच साल हो चुके हैं। अब इनकी जगह दूसरे कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसको लेकर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके लिए 40, 46, 31वीं वाहिनी पीएसी के साथ ही आईआरबी प्रथम और द्वितीय के सेनानायकों से सीपीयू में कार्य करने के इच्छुक कर्मियों के नाम मांगे गए हैं। इन कार्मिकों की सेवा अवधि पांच साल से कम नहीं होनी चाहिए और सेवा अवधि में किसी प्रकार का दंड नहीं मिला होना चाहिए। सभी के नाम निदेशालय को मिलने के बाद साक्षात्कार के बाद चयनित कर्मियों को सीपीयू में तैनाती दी जाएगी।

यातायात निदेशक भी तलब करेंगे घटना की रिपोर्ट
यातायात निदेशक केवल खुराना ने कहा है कि रुद्रपुर की घटना के संबंध में एसएसपी से रिपोर्ट मांगी जा रही है। यह घटना किन परिस्थितियों में घटी और कौन इसके दोषी है, इसको दिखवाया जाएगा। निदेशालय के स्तर से भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।

सीपीयू कर्मी की गलती मानते हैं लेकिन पथराव बर्दाश्त नहीं : आईजी

आईजी कुमाऊं रेंज अजय रौतेला ने कहा कि बाइक चालक के माथे में चाबी घोंपना सीपीयू कर्मी की गलती हैं लेकिन पथराव करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को थाना, चौकी में अपनी बात रखने का अधिकार दिया गया है न कि पथराव करने का। उन्होंने एसएसपी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

मंगलवार को आईजी कुमाऊं रेंज अजय रौतेला ने पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि रुद्रपुर में सीपीयू कर्मी की ओर से माथे पर चाबी घोंपने की घटना हैरान करने वाली है। चाबी भूलवश माथे में लग सकती है, जानबूझकर कोई सीपीयू कर्मी ऐसी घटना नहीं कर सकता है। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति का पता तो जांच के बाद ही चलेगा। आईजी ने बताया कि बाइक सवार घायल दीपक का पुलिस ने इलाज करा दिया है।

वहीं, पथराव करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। नाम सामने आते ही उन्हें नामजद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीपीयू कर्मियों की कार्रवाई संतोषजनक रही है। हजारों वाहनों का चालान कर लाखों रुपये का संयोजन शुल्क वसूला जा चुका है। लेकिन इस घटना से कहीं न कहीं सीपीयू कर्मियों पर सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस और जनता के बीच मित्रता के संबंध बने रहने चाहिए।    

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