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रोडवेज बस से सफर करने वाले हैं तो पहले पढ़ लें यह खबर...
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:38 PM IST
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अगर आप रोडवेज बस में सफर करने वाले हैं तो सफर पर जाने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें।
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विशेष श्रेणी, संविदा एवं वाह्य स्रोत कर्मियों के वेतन वृद्धि समेत लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी बुधवार रात से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन पदाधिकारियों की मंगलवार को प्रबंधन से हुई वार्ता विफल होने के बाद यह एलान किया है। वहीं, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आरएम ऑफिस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया । बुधवार को भी यह धरना जारी रहा।
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प्रबंधन की ओर से मांगा गया है एक सप्ताह का समय
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रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन अपने-अपने स्तर पर प्रबंधन और सरकार से मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को निगम प्रबंधक वीके संत से मिला। दो घंटे तक चली वार्ता के दौरान प्रबंधन की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया। इस रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी सहमत नहीं हुए।
पदाधिकारियों का कहना था कि प्रबंधन पहले भी कई बार आश्वासन दे चुका है। वार्ता विफल होने के बाद पदाधिकारियों ने बुधवार आधी रात से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल से प्रदेश की 70 बसों का संचालन ठप रहेगा। वार्ता के दौरान महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन, यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी, केपी सिंह, दीपक साह, उदयवीर सिंह और विपिन कुमार मौजूद रहे।
वहीं रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मांगों के समर्थन में मंगलवार से मंडलीय प्रबंधक संचालन कार्यालय में धरना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष मेजपाल सिंह ने कहा कि लंबित मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। प्रदेश महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी ने कर्मचारियों से एकजुटता का आह्वान किया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह जीना ने कहा कि कर्मचारी हितों के लिए लड़ाई जारी रखी जाएगी। धरने में दिनेश पंत, दिनेश गुसांई, शिवनारायण तिवारी, प्रेम सिंह, विपिन बिजल्वाण, संजय शर्मा, वेद प्रकाश, महेंद्र सिंह, मोहित कुमार, कपिल, अनुराग नौटियाल, मनजीत सिंह, भुवन सेमवाल, रवि आनंद, राकेश पेटवाल और प्रवीण सैनी समेत कई कर्मी मौजूद थे।
पदाधिकारियों का कहना था कि प्रबंधन पहले भी कई बार आश्वासन दे चुका है। वार्ता विफल होने के बाद पदाधिकारियों ने बुधवार आधी रात से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल से प्रदेश की 70 बसों का संचालन ठप रहेगा। वार्ता के दौरान महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन, यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी, केपी सिंह, दीपक साह, उदयवीर सिंह और विपिन कुमार मौजूद रहे।
वहीं रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मांगों के समर्थन में मंगलवार से मंडलीय प्रबंधक संचालन कार्यालय में धरना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष मेजपाल सिंह ने कहा कि लंबित मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। प्रदेश महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी ने कर्मचारियों से एकजुटता का आह्वान किया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह जीना ने कहा कि कर्मचारी हितों के लिए लड़ाई जारी रखी जाएगी। धरने में दिनेश पंत, दिनेश गुसांई, शिवनारायण तिवारी, प्रेम सिंह, विपिन बिजल्वाण, संजय शर्मा, वेद प्रकाश, महेंद्र सिंह, मोहित कुमार, कपिल, अनुराग नौटियाल, मनजीत सिंह, भुवन सेमवाल, रवि आनंद, राकेश पेटवाल और प्रवीण सैनी समेत कई कर्मी मौजूद थे।
यह हैं प्रमुख मांगें...
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- फोटो : DEMO PHOTO
- विशेष श्रेणी, संविदा और वाह्य स्रोत कर्मियों का वेतन 18000 रुपये किया जाए।
- नियमित कर्मचारियों को पहली तारीख को वेतन दिया जाए।
- शासन से निगम की 60 करोड़ की राशि अवमुक्त की जाए।
- बिना दोष सिद्ध के दंड एवं रिकवरी पर रोक लगाई जाए।
- 7वें वेतनमान में ग्रेड पे अक्तूबर से लागू किया जाए।
- सेवानिवृत्त कर्मियों एवं नियमित कर्मियों का बकाया भुगतान किया जाए।
- विशेष श्रेणी, संविदा और वाह्य स्रोत कर्मियों को परिचय पत्र जारी किए जाएं।
- नियमित कर्मचारियों को पहली तारीख को वेतन दिया जाए।
- शासन से निगम की 60 करोड़ की राशि अवमुक्त की जाए।
- बिना दोष सिद्ध के दंड एवं रिकवरी पर रोक लगाई जाए।
- 7वें वेतनमान में ग्रेड पे अक्तूबर से लागू किया जाए।
- सेवानिवृत्त कर्मियों एवं नियमित कर्मियों का बकाया भुगतान किया जाए।
- विशेष श्रेणी, संविदा और वाह्य स्रोत कर्मियों को परिचय पत्र जारी किए जाएं।