उत्तराखंड की सड़कों पर 130 ब्लैक स्पॉट्स और 1345 दुर्घटना संभावित क्षेत्र, सुधारने में जुटा लोनिवि
यातायात के दबाव वाली प्रदेश की प्रमुख सड़कों को सुरक्षित बनाने और उन पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए 2020 तक सेफ्टी ऑडिट का कार्य पूरा हो जाएगा। प्रदेश में करीब 9324 किमी ऐसी सड़कें हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
पहले चरण में 1295 किमी लंबाई की सड़कों का सेफ्टी ऑडिट पर कार्य आरंभ हो गया है। शेष 972 किमी स्टेट हाईवे के सुधार के लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। रोड सेफ्टी के लिए सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद ले रही है।
प्रमुख अभियंता (लोनिवि) आरसी पुरोहित के मुताबिक, सड़कों की बनावट में संशोधन करके उन्हें सुरक्षित बनाने का कार्य आरंभ हो चुका है। इसके अलावा विभागीय इंजीनियरों को रोड सेफ्टी ऑडिट के संबंध में प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है। विभाग ने ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा-निर्देशों के तहत की है।
सड़कों पर ब्लैक स्पाट्स का ब्योरा
- प्रदेश में 1345 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में होना है काम
-130 ब्लैक स्पॉट्स हैं उत्तराखंड की सड़कों पर
-29 ब्लैक स्पॉट्स लोनिवि की सड़कों पर हैं
-12 ब्लैक स्पॉट्स पर दीर्घकालीन उपाय पूरे हुए
-33 ब्लैक स्पाट्स लोनिवि के अधीन नेशनल हाईवे पर
-68 ब्लैक स्पाट्स एनएचएआई और बीआरओ की सड़कों पर
-405 दुर्घटना संभावित स्थल हैं लोनिवि के अधीन एनएच पर
-47 स्थलों का सुधार पूरा और 73 पर सुधार का कार्य जारी
-285 की डीपीआर तैयार कर उन्हें सुधारने की कार्रवाई होगी