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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Ranji Trophy debut but Doubt on Recognition

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड की क्रिकेट पर हां, मान्यता पर अभी भी संशय 

Tue, 19 Jun 2018 11:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 19 Jun 2018 11:03 AM IST
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सीओए ने प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों का हित देखते हुए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) बोर्ड के टूर्नामेंट में उत्तराखंड के खिलाड़ियों को खेलने का मौका तो दे दिया, लेकिन मान्यता का मामला अब भी अधर में है।

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हालांकि सरकार और दो एसोसिएशन के समर्थन में होने से क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) का दावा सबसे मजबूत है। पेपर वर्क के आधार पर चंद्रकांत आर्य भी पीछे नहीं हैं। नौ सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल की बात की जाए तो इसमें शामिल बीसीसीआई के दो पदाधिकारियों को छोड़ दिया जाए तो सात में से प्रदेश सरकार के एक सदस्य को मिलाकर पांच सदस्य सीएयू के पक्ष में हैं, बचे हुए दो सदस्य उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के हैं। सीओए ने कहा है कि मान्यता का मामला एक साल के भीतर सुलटा लिया जाएगा। पांच के मुकाबले दो सदस्य के बीच आम सहमति बनाना आसान नहीं होगा। हालांकि प्रो. रत्नाकर सेट्टी का अनुभव देखते हुए इस कवायद के अंजाम तक पहुंचने से इनकार नहीं किया जा सकता है। 
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सबसे बड़ी टेंशन गवर्निंग काउंसिल में नाम भेजने की 
सीओए ने कहा है कि दो एसोसिएशन से दो-दो, जबकि दो एसोसिएशन से एक-एक सदस्य शामिल किए जाएंगे। अब इन सदस्यों के नाम को लेकर सभी एसोसिएशनों के भीतर आम सहमति बनाना हथेली पर सरसों उगाने से कम नहीं होगा। युनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन की बात करे तो गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने की दौड़ में तीन प्रमुख नाम हैं, जिनमें संजय गुसाईं, अविनाश वर्मा और रोहित चौहान के नाम हैं। वहीं उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन से चंद्रकांत आर्य के अलावा आरएस चौहान, नागेंद्र शर्मा, मोहन सिंह बोरा के अलावा दान सिंह भंडारी का नाम शामिल हैं।
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सबसे बड़ी मुश्किल सीएयू के सामने आएगी क्योंकि उनकी कमेटी में पदाधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज है, जिसे मैनज करना सीएयू के सचिव महिम वर्मा और संरक्षक पीसी वर्मा के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि पीसी वर्मा पर एसोसिएशन की पकड़ और उनका कद देखते हुए गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने के लिए खुलेआम विरोध करने की कोई हिम्मत नहीं करेगा। भीतरखाने जोर आजमाइश जरूर होगी। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में पहले ही दो फाड़ हो चुके हैं। हालांकि अब मामला शांत है, लेकिन जानकारों की माने तो यह तूफान आने से पहले का सन्नाटा है, ऐसे में एक सदस्य का नाम खोजने में दिव्य नौटियाल और रामशरण नौटियाल को एक साथ आना होगा, जो फिलहाल नामुमकिन ही नजर आ रहा है।

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