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इस बार मुश्किल से 'गलेगी' पहाड़ी दाल
अमर उजाला, गोपेश्वर
Updated Mon, 02 Dec 2013 06:21 PM IST
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उत्तराखंड में आई आपदा के कारण फसलों को हुए भारी नुकसान के बावजूद काश्तकारों ने पहाड़ी दालें बाजार में तो उपलब्ध कराई है, लेकिन दाम आसमान छू रहे हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि मांग के सापेक्ष दाल कम पहुंची है। इस बार दालों के दामों में 25 से 30 रुपए तक बढ़ोत्तरी हुई है। लाल राजमा पिछले वर्ष 90 रुपए किलो थी, तो इस बार यह दाल 130 रुपए प्रति किलो बिक रही है।
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अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है
सफेद राजमा भी 90 रुपए प्रति किलो हो गई है। पिछले वर्ष तक इसकी कीमत 70 रुपए प्रति किलो थी। काश्तकारों का कहना है कि पैदल रास्ते और सड़कें चलने लायक नहीं हो पाई हैं। जिसके कारण दालों को बाजार तक लाने में अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है।
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उर्गम घाटी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि क्षेत्र में करीब 50 हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई है। अब उत्पादित दालों को बाजार में उपलब्ध कराने के लिए दोगुना भाड़ा देना पड़ रहा है।
ऐसे में दालों की कीमतों में वृद्धि हुई है। व्यापारी क्षितिज जोशी और गजेंद्र बिष्ट का कहना है कि मांग के सापेक्ष अभी तक बाजार में पहाड़ी दाल नहीं पहुंची है।
ये है बाजार में दालों के दाम
| दाल | बाजार भाव | |
|
|
वर्ष 2013 | वर्ष 2012 |
| राजमा (लाल) | 130 | 90 |
| राजमा (सफेद) | 90 | 70 |
| गहत | 100 | 85 |
| तोर | 120 | 95 |
| सोयाबीन | 50 | 35 |
| काले भट्ट | 50 | 30 |
| रेंस | 60 | 45 |