आतंक के खिलाफ ढाल बनने के लिए ये है पुलिस का नया तरीका
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आतंक का कोई मजहब नहीं होता, इसी बात को युवाओं के जेहन उतारने के लिए पुलिस जल्द ही काउंसलिंग क्लास चलाएगी।
दरअसल इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड अल शाम (आईएसआईएस) ने भारत में घुसपैठ के लिए सॉफ्ट टॉरगेट युवाओं को बनाया है। इसके लिए वह युवाओं का ब्रेन वॉश करके और उनकी भावनाओं को भड़काकर उन्हें आतंक के रास्ते पर लाने के लिए तेजी से सक्रिय है और इसके लिए वह सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है।
रुड़की में आतंकी साजिश के आरोप में पकड़े गए चारों युवकों की गिरफ्तारी के बाद यह बात साबित भी हो गई है। यही वजह है कि अब पुलिस युवाओं को आतंक के साय से बचाने के लिए उनकी काउंसलिंग करेगी, ताकि आगे से कोई युवा आतंक के सफर में आईएसआईएस का साझीदार बनकर अपने लोगों को मौत की नींद सुलाने की मंशा न पाल सके।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सक्रियता से आईएसआईएस की चार युवकों के जरिए अर्द्धकुंभ में विस्फोट की साजिश तो नाकाम हो गई है पर अब भी आतंक का साया बरकरार है। खुफिया एजेंसियां भी इससे इंकार नहीं कर रही है, क्योंकि इन लोगों का मानना है कि राज्य के कई हिस्सों में आईएसआईएस के स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं।
धर्म के नाम पर लुटा रही धन
आतंकी साजिश के आरोप में पकड़े गए इन युवकों से हुई पूछताछ में जैसी जानकारियां सामने आईं, उससे खुफिया एजेंसियां भी हैरत में हैं। सूत्रों का कहना है कि आईएसआईएस धर्म के नाम पर युवाओं को जोड़ने के लिए दोनों हाथों से धन लुटा रही है।
इराक और सीरिया के अलावा देश में काम कर रहे स्लीपर सेल सोशल साइट के जरिए युवाओं का ब्रेन वॉश करने में जुटे हैं। खुफिया इनपुट के बाद राज्य की पुलिस ने युवाओं को देश विरोधी ताकतों की साजिशों से बचाने की तैयार कर ली है।
पकड़े गए युवकों का भविष्य उज्ज्वल था, पर इन लोगों ने कुछ ताकतों की बातों में आकर अपना भविष्य खराब कर लिया। इन लोगों के मां-बाप पर क्या बीत रही होगी। जिन्होंने बड़े नाजो से पाल पोसकर इन्हें बड़ा किया होगा। ऐसे में भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए युवाओं की काउंसलिंग जरूरी है।
- संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल रेंज
शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा पर मंथन
खुफिया तंत्र देहरादून के बड़े शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा को लेकर आशंकित है। शुक्रवार को खुफिया एजेंसी से शहर के बड़े कालेजों के संचालकों के साथ गोपनीय बैठक बुलाई है, जिसमें सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करने के साथ सुरक्षा के नए मानकों पर चर्चा की जाएगी, ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।