फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand police protest for salary on social media.

सोशल मीडिया में वायरल हुई पुलिस की तस्वीरों से 'हिली' सरकार

Mon, 17 Aug 2015 09:52 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 17 Aug 2015 09:52 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand police protest for salary on social media.

सोशल मीडिया में कितनी ताकत है, इसका अंदाजा रविवार को उत्तराखंड पुलिस के आंदोलन से लगा। केवल सोशल मीडिया के दम पर ही वायरल हुई तस्वीरों ने पुलिस महकमे के अलावा सरकार तक को हिला दिया है।

विज्ञापन


उत्तराखंड में पहली बार इस तरह का कोई आंदोलन (मिशन आक्रोश) चला, जिसमें न तो किसी ने नारेबाजी की और न ही किसी ने कोई धरना प्रदर्शन। हालांकि, प्रदेश में कुछ जगहों पर पुलिसकर्मियों को उनके ही अधिकारियों ने काली पट्टी बंधे होने पर चेतावनी जरूर दी।
विज्ञापन


वेतन विसंगतियों की वजह से पुलिसकर्मी परेशान हैं। अपनी इस परेशानी को कभी आंदोलन का रूप प्रदेश में नहीं दिया। लेकिन इस बार आंदोलन किया और हाईटेक आंदोलन ने तस्वीर बदलने का काम कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जो पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों को कानून व्यवस्था में रखने के लिए ड्यूटी करते हैं, उन्होंने अपने आंदोलन को चलाने के लिए सोशल साइट्स का सहारा लिया।

पुलिस मुख्यालय के अलावा सरकार तक भी पहुंचीं तस्वीरें

uttarakhand police protest for salary on social media.

रविवार को सुबह से ही पुलिसकर्मियों ने बिना चेहरा दिखाए काली पट्टी बंधी तस्वीरें वॉट्स ऐप और फेसबुक पर शेयर करनी शुरू कर दी। देखते ही देखते प्रदेशभर में काली पट्टी बंधी वर्दीधारियों की तस्वीरें वायरल हो गई।

खबर पुलिस मुख्यालय के अलावा सरकार तक भी पहुंच गई। कुछ जगहों को छोड़ दें तो कहीं भी पुलिसकर्मी अपने आंदोलन के पक्ष में खुलकर सामने नहीं आए। केवल सोशल साइट्स के दम पर ही उन्होंने प्रदेशभर के पुलिसकर्मियों को एकजुट कर लिया।

साहब करें तो ठीक, हम करें तो गलत
सोशल साइट्स पर चले आंदोलन में एक और बात प्रमुखता से शेयर की गई। पुलिसकर्मियों का कहना था कि प्रदेश में सभी आईपीएस की एक एसोसिएशन चलती है।

यह एसोसिएशन कई मामलों पर सरकार के सामने जोरदार आवाज उठाती है। अब अगर वह बिना एसोसिएशन बनाए भी वेतन विसंगति के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं तो इसमें क्या बुराई है। आखिर वह कहीं भी व्यवस्था तो बाधित नहीं कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed