हिंदी में फेल हो गए एक तिहाई PCS परीक्षार्थी
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एक तरफ सिविल सेवा के सीसैट में अंग्रेजी की अनिवार्यता हटाने की मांग लेकर देशभर में हल्ला मचा है तो दूसरी ओर उत्तराखंड में पीसीएस के परीक्षार्थी हिंदी में ही फेल हो गए हैं।
पीसीएस 2010 में 143 परीक्षार्थी ऐसे रहे जो सामान्य हिंदी की परीक्षा पास नहीं कर पाए। यह परीक्षार्थी 35 प्रतिशत अंक भी नहीं ला सके। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से 23 अगस्त को पीसीएस 2010 का रिजल्ट घोषित किया गया था।
परीक्षा में 213 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। आयोग की ओर से 29 अगस्त को पीसीएस 2010 की परीक्षा में सामान्य हिंदी में फेल होने वाले परीक्षार्थियों के रोल नंबर और प्राप्तांक जारी किए गए। कुल 143 परीक्षार्थियों को हिंदी गच्चा दे गई।
परीक्षार्थी को मिले केवल नौ अंक
हिंदी का यह पेपर 150 अंक का था। 115 परीक्षार्थी 50 अंक भी हासिल नहीं कर पाए। नौ परीक्षार्थी ऐसे रहे, जिनके नंबर 30 से भी कम हैं। एक परीक्षार्थी को तो महज नौ अंक मिले हैं।
आज के युवाओं के सामने भाषा के माध्यम की विकट समस्या है। हिंग्लिश बोलने वाली पीढ़ी न ढंग से हिंदी जानती है और न ही अंग्रेजी। हिंदी की नींव व्याकरण होती है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर से ही व्याकरण उपेक्षित है।
- डॉ. अशोक मिश्र, पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष, एसएमजेएन कॉलेज
यह गंभीर विषय है। हिंदी पढ़ाने और पढ़ने वालों, सबको सोचना होगा कि हम अपनी मातृभाषा के साथ न्याय कर रहे हैं या नहीं। स्कूलों से लेकर कालेजों तक व्याकरण के स्तर पर ध्यान नहीं दिया जाता।
- डॉ. कमलकांत बुधकर, प्रोफेसर, हिंदी विभाग, गुरुकुल कांगड़ी विवि