फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand panchayat election stayed by supreme court

उत्तराखंड पंचायत चुनाव पर SC ने लगाई रोक

Fri, 28 Feb 2014 07:47 PM IST
अमर उजाला, देहरादून, नई दिल्ली
अमर उजाला, देहरादून, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Feb 2014 07:47 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand panchayat election stayed by supreme court

उत्तराखंड में 29 मार्च तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार को जारी नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम रोक लगा दी।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने पाला साल्ट भारतरा संगठन, अल्मोड़ा की ओर से दायर अपील पर हरीश रावत सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है।

चार सप्ताह में मांगा जवाब
जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन की मांग पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज सचिव, ललित मोहन और तेजराम को भी नोटिस जारी किया। अदालत ने सभी पक्षकारों से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
विज्ञापन


पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता हिमांशु माहरा की ओर से पेश किए गए तर्कों पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताते हुए राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों को तलब किया और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य के वकील ने ली नोटिस
अदालत में मौजूदा राज्य के वकील राजीव नंदा ने नोटिस को स्वीकार किया। गौरतलब है कि सितंबर, 2013 में उत्तराखंड के पंचायत राज का कार्यकाल पूरा हो गया था। लेकिन आपदा की वजह से चुनाव को टाल दिया गया था।

दिसंबर में हाईकोर्ट ने इस मसले पर ललित मोहन पंत और तेजराम की ओर से दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया। इसके बाद चुनाव कराने के लिए और समय देने की राज्य सरकार की मांग को अस्वीकार कर दिया।

याचिकाकर्ता ने दिए ये तर्क
पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता हिमांशु माहरा ने तर्क दिया कि राज्य में गत वर्ष आई प्राकृतिक आपदा का पुनर्वास का कार्य अभी जारी है।

राज्य में पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है और सीटों के आरक्षण व परिसीमन का कार्य भी राज्य सरकार पूरा नहीं कर सकी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने 10 फरवरी को पहले राज्य सरकार को सिर्फ 10 दिन का समय दिया और इसके बाद 21 फरवरी को हुई सुनवाई में समुचित तरीके से आरक्षण व परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए राज्य सरकार को समय देने से इंकार कर दिया। जबकि राज्य सरकार आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पहले ही काफी व्यस्त है।

चार धाम यात्रा और बोर्ड परीक्षाएं सिर पर
अधिवक्ता ने कहा कि राज्य में चार धाम यात्रा, सीबीएसई परीक्षा और उत्तराखंड सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से पंचायत चुनाव कराने में अक्षमता जताए जाने के बावजूद हाईकोर्ट ने 29 मार्च तक चुनाव संपन्न कराने का आदेश जारी कर दिया। जबकि राज्य सरकार 30 जून तक का समय मांगा था।

संगठन ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मसले पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। अदालत से गुजारिश है कि हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के संबंध में उचित आदेश जारी करे।


अनुमोदन मिलने पर ही दायर की अपील
सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिवक्ता से यह बताने को भी कहा कि हाईकोर्ट में पक्षकार न होते हुए भी आपकी ओर से सर्वोच्च अदालत में क्यों याचिका दायर की गई है। याद रहे कि इस मसले पर राज्य सरकार ने अदालत में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील नहीं की है।

जवाब में माहरा ने कहा इस संबंध में आवेदन को अनुमति मिलने पर ही हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ संगठन ने अपील दायर की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed