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उत्तराखंड: 2016 के सर्किल रेट पर मिल सकता है वर्ग तीन और चार में भूमि पर मालिकाना हक

Tue, 25 Aug 2020 10:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 Aug 2020 10:33 PM IST
सार

  • कैबिनेट की उपसमिति की बैठक में बनी सहमति, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

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Uttarakhand: Ownership over land for class three and four can be from 2016 circle rate
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में वर्ग तीन और वर्ग चार के लोगों को राहत मिलने के आसार बन गए हैं। इस मामले को लेकर गठित कैबिनेट की उप समिति ने 2016 के सर्किल रेट के आधार पर इस तरह की भूमि के कब्जाधारकों व पट्टेधारकों को मालिकाना हक देने पर सहमति जताई है। यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा।

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मंगलवार को विधानसभा में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ग चार की भूमि के अवैध कब्जाधारकों और वर्ग चार की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी का अधिकार देने पर बातचीत हुई।
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इससे संबंधित शासनादेश 2016 में जारी किया गया था, जो एक-एक साल के लिए बढ़या जाता रहा। अंतिम शासनादेश एक साल पहले जारी हुआ था, जिसकी अवधि 25 फरवरी 2020 को समाप्त हो चुकी है। इस उप समिति में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे सदस्य के रूप में मौजूद रहे। 

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गैर रजिस्ट्री वाली भूमि पर हजारों परिवार काबिज

प्रदेश के कई जिलों में आज भी गैर रजिस्ट्री वाली भूमि पर हजारों परिवार काबिज हैं। इस तरह की भूमि पर बसे परिवारों को भूमिधरी का अधिकार पूर्व में सरकार ने वर्ष 2000 के सर्किल रेट के आधार पर देना तय किया था। 2016 में यह अधिकार 2012 के सर्किल रेट के आधार पर कर दिया।

अब भी इस मामले में कई आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। प्रदेश के मैदानी जिलों में इस तरह के अधिक मामले हैं। प्रदेश सरकार पहले भी इस तरह की भूमि के पट्टेधारकों, अवैध कब्जाधारकों को भूमिधरी का अधिकार देने के विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर चुकी है। कैबिनेट की उप समिति की ओर से इस मामले को कैबिनेट में रखने का फैसला किया गया है।

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