उत्तराखंड निकाय चुनाव 2018: यहां 'नोटा' में भी खूब बरसे वोट, पलटा प्रत्याशियों की हार-जीत का पासा
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नगर निकाय चुनाव में नोटा पर जमकर वोट पड़े। पसंदीदा प्रत्याशी न होने से मतदाताओं ने नोटा चिन्ह पर ठपा लगाया। राज्य में यह पहला चुनाव है जिसमें निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को मतपत्र में नोटा का विकल्प दिया था। मंगलवार को नगर निगम दून के जिन वार्डों की मतगणना हुई है, उनमें नोटा के पक्ष में भी खूब मत मिले।
प्रदेश के 84 निकायों में हुए चुनाव में सैकड़ों मतदाताओं को प्रत्याशी पसंद नहीं आए। इसके लिए मतदाताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से मतपत्र में दिए नोटा के विकल्प का इस्तेमाल किया। दून नगर निगम समेत अन्य निकायों से आए चुनाव नतीजों में नोटा के पक्ष में खूब मत पड़े।
कई वार्डों में नोटा मतों और निर्दलीय प्रत्याशियों के मतों में कोई बड़ा अंतर नहीं रहा। नोटा के साथ ही कई मत निरस्त होने से प्रत्याशियों के हार-जीत का पासा भी पलट गया। नगर निगम दून के रेसकोर्स वार्ड संख्या-20 कुछ ऐसा ही हुआ।
कहां कितने पडे़ नोटा को मत
इस वार्ड से भाजपा के देवेंद्र पाल सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के वीरेंद्र को मात्र 22 मतों से हराया। देवेंद्र को 1394 व वीरेंद्र को 1372 पर मिले जबकि 15 मत नोटा और 106 मत निरस्त किए गए।
नगर निगम दून के आमवाला वार्ड में 43, एमकेपी में 22, श्रीदेव सुमन नगर में 20, धामावाला में 11, विजय पार्क 27, आरकेडिया-दो 33, विजय कालोनी 53, रांझावाला 14, बल्लूपुर 21, चंद्र सिंह गढ़वाली अजबपुर 45, निरंजनपुर 43, भगत सिंह कालोनी 33, बकरालवाला 25, हरभजवाला 29, भारूवाला ग्रांट 12, हर्रावाला 36, ननूरखेड़ा 27, लाडपुर 26, आरकेडिया-प्रथम 26, चंद्रबनी 24, अजबपुर सरस्वती विहार 21, गोविंदगढ़ 36, घंटाघर कालिका मंदिर 23 व रेसकोर्स वार्ड में 15 नोटा के पक्ष में पड़े।