उत्तराखंड दवा घोटाला: 10 साल बाद दोषियों पर वसूली की कार्रवाई के निर्देश, ये है पूरा मामला
- वर्ष 2010 में एनएचएम के तहत खरीदी गई थीं लाखों की दवाईयां
- रुड़की ड्रग वेयर हाउस में कई महीनों तक पड़ी रहीं दवाई, बाद में नाले में मिलीं
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2010 में चर्चित दवा खरीद घोटाले में 10 साल बाद सरकार ने दोषियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं। इस मामले में छह कर्मचारी दोषी मिले हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
वर्ष 2010 में स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम के तहत दवाईयों के साथ आशा वर्करों को दी जाने वाली किट की खरीद की थी। इन दवाईयों का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया। जिसके बाद दवाईयां रुड़की के एक नाले में मिली थीं। तब हरीश रावत सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
सीबीआई की ओर से वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार को पत्र भेज कर मामले की जांच और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार ने विजिलेंस जांच कराने का हवाला देकर सीबीआई को अनुमति नहीं दी।
जांच में दवा खरीद में 18 लाख की गड़बड़ी पाई गई है। विभाग ने अनावश्यक दवाईयां खरीदीं, जो रुड़की ड्रग वेयर हाउस में पड़ी रहीं। बाद में दवाईयां को नाले में फेंका गया। इस मामले में पूर्व महानिदेशक समेत छह कर्मचारी दोषी पाए गए हैं।
विजिलेंस की जांच के आधार पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दोषी कर्मचारियों से वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि दवा खरीद मामले में सरकार की ओर से जो भी निर्देश होंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
गूल निर्माण घोटाले में वसूली का दिया आदेश
लघु सिंचाई विभाग में वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच राज्य में गूलों के निर्माण के लिए शासन से आवंटित बजट में फर्जीवाड़ा किया गया। बिना गूल बनाए धनराशि हड़पने के मामले की जांच जस्टिस बीसी कांडपाल एकल जांच आयोग ने की थी।
आयोग ने संबंधित अधीक्षण अभियंता, लघु सिंचाई की निरीक्षण रिपोर्ट और सतर्कता अधिष्ठान से उपलब्ध कराई गई जांच आख्या का संज्ञान लेकर नैनीताल के भीमताल ब्लाक में तत्समय कार्यरत कमलेश भट्ट तत्कालीन अवर अभियंता (सेवानिवृत 30 जून, 2017), सुरेश चंद्रा तत्कालीन सहायक अभियंता (अधिशासी अभियंता- सेवानिवृत्त 30 जून, 2020) और परमजीत सिंह बग्गा, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इन अधिकारियों से वसूली और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए।