उत्तराखंड : राशन दुकानों को ऑनलाइन करने की रफ्तार धीमी, केंद्र की सीएससी कंपनी के साथ सरकार तोड़ेगी करार
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एक राष्ट्र-एक कार्ड योजना के तहत प्रदेश में उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन करने की रफ्तार धीमी है। जिससे प्रदेश सरकार के सामने केंद्र की ओर से तय समय सीमा के भीतर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना चुनौती है। अब प्रदेश सरकार प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सीएससी कंपनी के साथ करार निरस्त कर नई कंपनी की तलाश पर विचार कर रही है।
वन नेशन वन कार्ड योजना में सभी सस्ते गल्ले की दुकानों को ऑनलाइन किया जाना है। इसके तहत राशन वितरण के लिए सभी दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीन लगाई जानी है। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसके लिए केंद्र की सीएससी कंपनी के साथ करार किया था। प्रदेश में कुल 9200 राशन दुकान हैं। जिसमें 23 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सस्ता राशन वितरित किया जाता है।
अब तक 7400 राशन दुकानों में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा चुकी है। जबकि 1800 दुकानों में अभी तक मशीनें नहीं लगी है। जिन राशन की दुकान में बायोमेट्रिक मशीन लगी है, उन दुकानों में भी सस्ता राशन वितरण का काम ऑफलाइन चल रहा है।
98 प्रतिशत राशनकार्ड आधार से लिंक
अनुबंध के अनुसार सीएससी कंपनी को राशन की दुकानों में बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित करने के साथ ही उसे चलाने की जिम्मेदारी है। लेकिन काम में धीमी रफ्तार से सरकार के सामने केंद्र की ओर से तय समय सीमा में लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती है।
प्रदेश में 23 लाख से अधिक राशन कार्डधारक हैं। योजना के तहत अब तक 98 प्रतिशत राशन कार्डों को आधार नंबर से लिंक किया गया है। जबकि 92 प्रतिशत यूनिट आधार से लिंक किए गए। लगभग 85 प्रतिशत राशन कार्ड ऑनलाइन सिस्टम में आ चुके हैं। केंद्र ने 15 अक्तूबर तक प्रदेश के शत प्रतिशत राशन कार्डों को आधार से लिंक करने का लक्ष्य रखा है।
राशन दुकानों को ऑनलाइन करने के लिए सीएससी से करार हुआ है। लेकिन काम में धीमी गति और अनुबंध के विपरीत कंपनी एडवांस में भुगतान करने की मांग रही है। कंपनी के साथ अनुबंध निरस्त कर दूसरी कंपनी की तलाश पर विचार किया जा रहा है। ऑनलाइन कार्य के लिए कंपनी को 17 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। - सुशील कुमार, सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग