फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Uttarakhand News: Youth shot dead in bageshwar during Going For hunting

उत्तराखंड: जंगल में शिकार करने गए युवक की गोली लगने से मौत, अन्य दो युवकों से पूछताछ में जुटी पुलिस

Sun, 08 Aug 2021 11:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 08 Aug 2021 11:34 PM IST
सार

पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है, जो गांव के किसी अन्य व्यक्ति की बताई जा रही है। उसका लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

विज्ञापन
Uttarakhand News: Youth shot dead in bageshwar during Going For hunting
मृतक रवींद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के जंगल में शिकार करने गए युवक की गोली लगने से मौत हो गई। साथ गए दो युवक पुलिस को गोलमोल जवाब दे रहे हैं। उनका कहना है कि बंदूक से अचानक गोली चल गई, जिससे युवक की मौत हो गई। पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है, जो गांव के किसी अन्य व्यक्ति की बताई जा रही है। उसका लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, शनिवार रात कांडा के धपोलासेरा गांव निवासी रवींद्र सिंह (35) पुत्र हयात सिंह अपने दो साथियों कांडा निवासी संजय नगरकोटी (39) पुत्र नंदन सिंह नगरकोटी और भदौरा निवासी पवन धपोला (33) पुत्र सुरेंद्र सिंह धपोला के साथ कपूरी के जंगल में शिकार करने गया था। तीनों गांव के एक व्यक्ति की लाइसेंसी बंदूक ले गए थे। संदिग्ध हालात में बंदूक से चली गोली रवींद्र सिंह को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना शनिवार रात करीब आठ बजे की है। 
विज्ञापन


संजय और पवन ने घटना की जानकारी रात में ही मृतक के गांव के लोगों को दे दी थी। गांव के लोग रात में ही जंगल पहुंच गए। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर कांडा थाने से प्रभारी थानाध्यक्ष खुशवंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि संजय नगरकोटी और पवन धपोला ने शिकार के लिए जंगल जाने की बात कबूल की है। दोनों का कहना है कि अचानक बंदूक की गोली चलने से रवींद्र की मौत हुई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाया गया। पुलिस के अनुसार, रवींद्र अविवाहित था। गोली कैसे चली, किसने चलाई और क्यों चलाई, इसका पता जांच पड़ताल के बाद ही चलेगा।

शिकार के लिए गए दोनों साथियों पर शिकंजा कसना तय

रवींद्र सिंह की मौत के मामले में साथ में शिकार के लिए गए दोनों युवकों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक का भाई दिल्ली में नौकरी करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह भी दिल्ली से घर पहुंच रहा है। पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है। संभवतया सोमवार को कांडा थाने में तहरीर दी जाएगी। जंगली जानवरों का शिकार करना प्रतिबंधित है। जंगल में बंदूक के साथ शिकार के लिए जाने के मामले में भी इन लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

जंगल में शिकार करने के लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। मृतक के भाई के लौटने का इंतजार किया जा रहा है। संभवतया वह इस मामले में सोमवार को तहरीर देंगे। तहरीर के आधार पर इस मामले में अगला कदम उठाया जाएगा। सक्षम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बंदूक गांव के ही किसी व्यक्ति की है, वह बाहर रहता है। लाइसेंसी हथियार लापरवाही से रखने की बात सामने आ रही है। बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। 
- अमित श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक बागेश्वर। 

कांडा क्षेत्र में शिकार के प्रयास में पहले भी हुई है ग्रामीण की मौत

कांडा तहसील क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए जाल बुनने में पिछले वर्ष भी एक व्यक्ति की जान गई थी। सेही के बिल में घुसे व्यक्ति की दम घुटने से मौत हो गई थी। 25 मार्च 2020 को दाणोथल (सानिउडियार) के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बिल में धुआं लगाया था। सेही धुएं से मर जाता है।

अगले दिन सुबह जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी सानिउडियार, रमेश राम (42) पुत्र प्रतापराम निवासी सानीउडियार और हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम निवासी दाणोथल समेत पांच लोग शौल के बिल के पास घुसे। सबसे पहले जीवन राम गया, जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम घुसा।

जब वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम भी उन्हें देखने बिल के अंदर चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला। सूचना पर मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को बिल से बाहर खींच लिया। दोनों को धुएं से गैस लगी थी, जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। जीवन राम बिल में भी फंसा रह गया था। प्रशासन ने जेसीबी से खोदाई कराई। एसडीआरफ की टीम की मदद से 27 मार्च को जीवनराम का शव निकाला गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed