उत्तराखंड: सीबीएसई और यूके बोर्ड ने दिया विकल्प, रिजल्ट से असंतुष्ट बच्चों के लिए इसी महीने होगी लिखित परीक्षा
बता दें कि सीबीएसई, सीआईएमसीई और यूके बोर्ड ने असंतुष्ट बच्चों को लिखित परीक्षा का विकल्प दिया है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) समेत उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद की ओर से बिना परीक्षा के जारी किए गए बोर्ड रिजल्ट से कुछ बच्चे और उनके अभिभावक संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे बच्चों के लिए सीबीएसई की ओर से अगस्त में ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
सीबीएसई, सीआईएमसीई और यूके बोर्ड ने असंतुष्ट बच्चों को लिखित परीक्षा का विकल्प दिया है। लिखित परीक्षा में आने वाले अंकों के आधार पर ही फाइनल रिजल्ट तैयार किया जाएगा। राजपुर रोड स्थित एक स्कूल के 12वीं के छात्र दीपज्योत ने बताया कि पिछली कक्षाओं की तुलना में उन्हें बोर्ड परीक्षा में कम अंक मिले हैं। ऐसे में वह लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में वह दो बार स्कूल के शिक्षकों से लिखित परीक्षा की तिथि के बारे में जानकारी ले चुके हैं, लेकिन शिक्षिकों ने यह कह कर लौटा दिया गया कि लिखित परीक्षा की तिथि बोर्ड की ओर से जारी की जाएगी।
छात्रों का कहना है कि पिछली कक्षा से भी कम अंक आने से उनके बोर्ड का रिजल्ट खराब हो गया है। वहीं, सहस्त्रधारा रोड स्थित एक स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल के कुछ बच्चे कम नंबर आने से खुश नहीं हैं। उनके अभिभावक लिखित परीक्षा की मांग कर रहे हैं। बोर्ड की ओर से लिखित परीक्षा के निर्देश मिलने के बाद उनके लिए परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा।
लिखित परीक्षा देने के लिए इच्छुक छात्रों के लिए इसी महीने लिखित परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। लिखित परीक्षा में आने वाले अंक से ही फाइनल रिजल्ट बनाया जाएगा। इस संबंध में सभी स्कूलों को सूचित कर दिया गया है।
- रणबीर सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, सीबीएसई
पिछली कक्षाओं की मेहनत का बोर्ड रिजल्ट में मिला फल
लंबे इंतजार के बाद बीते शनिवार को उत्तराखंड बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया गया। बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक आने पर मेधावी बोले कि पिछली कक्षाओं में की गई कड़ी मेहनत का फल बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में मिला है। बोर्ड में अच्छे अंक आने से आगे पढ़ाई करने के लिए ऊर्जा मिलती है।
डॉक्टर बन देश सेवा करने की तमन्ना
10वीं कक्षा में 94.2 अंक प्राप्त करने वालीं दून की तमन्ना बिष्ट डॉक्टर बन देश की सेवा करना चाहती हैं। सुमननगर निवासी तमन्ना की मां विजय लक्ष्मी ने बताया कि तमन्ना चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती है। बोर्ड में अच्छे नंबर आने से वह अपने लक्ष्य के ओर तेजी से बढ़ेगी। तमन्ना के पिता शहर के एक मेडिकल स्टोर में काम करते हैं। जबकि छोटा भाई कक्षा नौ में पढ़ता है।
इंजीनियरिंग के सपनों को लगे पंख
10वीं की बोर्ड परीक्षा में 94.2 प्रतिशत अंक आने से दून के काव्य नौटियाल के इंजीनियर बनने के सपनों को पंख लग गए। बालावाला निवासी काव्य के पिता मोहन नौटियाल ने कहा कि काव्य इंजीनियर बनना चाहता है। बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर आने से वह अब और मेहनत करेगा। इससे पहले काव्य की बहन मेघा नौटियाल ने बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में 13वीं रेंक हासिल की थी। मोहन नौटियाल टिहरी जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।
इंजीनियर बनना चाहती हैं टॉपर प्रज्ञा
कक्षा 12वीं में 93 फीसदी अंक लाने वाली प्रज्ञा सैनी इंजीनियर बन परिवार का नाम रोशन करना चाहती हैं। मयूर विहार में रहने वाली प्रज्ञा के पिता शशिकुमार सैनी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में टॉप कर प्रज्ञा ने परिवार का मान बढ़ाया है। वह इंजीनियरिंग में अपना कॅरियर बनाना चाहती है। शशिकुमार सैनी देहरादून में ही शिक्षा विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं।