बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

चारधाम देवस्थानम बोर्ड: तीर्थ पुरोहितों के बाद अब विरोध में उतरा विश्व हिंदू परिषद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 20 Jul 2021 08:44 PM IST

सार

विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा कि हमने अपने मंदिरों के लिए भी केंद्र सरकार से बात की है।
विज्ञापन
चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
ख़बर सुनें

विस्तार

देवस्थानम बोर्ड पर पंडों पुरोहितों के चल रहे विरोध के बीच अब विश्व हिंदू परिषद भी इसमें शामिल हो गया है। विहिप इस मामले में केंद्र सरकार से वार्ता करेगा। विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा कि हमने अपने मंदिरों के लिए भी केंद्र सरकार से बात की है। पूछा है कि आप गुरुद्वारे और मस्जिदों का प्रबंधन नहीं करते फिर हमारे मंदिर आपके कब्जे में क्यों हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि केंद्र में कानून बने और हमारे मंदिर वापस हों। वहीं, चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने विश्व हिंदू परिषद को खुला समर्थन दिया है। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने दोबारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि इस बोर्ड को तुरंत भंग किया जाए। 


केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों का धरना जारी
केदारनाथ में देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थपुरोहितों का धरना-प्रदर्शन 38वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से यथाशीघ्र बोर्ड को भंग करने की मांग की। मंगलवार को आचार्य संजय तिवारी के नेतृत्व में केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने मंदिर परिसर में धरना दिया। उनका कहना था कि आंदोलन के 38 दिन बाद भी शासन, प्रशासन व बोर्ड ने उनकी सुध नहीं ली है।

सरकार व उसके लोग बार-बार कह रहे हैं कि देवस्थानम बोर्ड में तीर्थपुरोहितों व हक-हकूकधारियों के अधिकार पूर्णरूप से सुरक्षित हैं। ऐसा है तो उन्हें अधिनियम की प्रतियां दी जाएं, जिसमें यह उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बोर्ड भंग करने की एकसूत्री मांग है, जिसके पूरा होने पर ही आंदोलन खत्म होगा। इस मौके पर अंकुश शुक्ला, प्रवीण शुक्ला, ऋषि अवस्थी आदि मौजूद थे।

पूर्व सीएम ने किया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर कहा कि बोर्ड के गठन से पूर्व विभिन्न प्रदेशों के मठ मंदिरों के ट्रस्ट और श्राइन बोर्डों का अध्ययन किया गया है। इसके बाद ही प्रदेश में देवस्थानम बोर्ड बनाया गया है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे यह स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं कि उनकी आपत्ति आखिर किस बात पर है। मौके पर मंत्री डा. धन सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह के चार वर्षों के कार्यकाल की सराहना की।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष एक लाख यूनिट खून की जरूरत होती है लेकिन 15 से 20 हजार तक की उपलब्ध हो पाता है। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण गैरोला, समशेर सिंह, डा. केएस बुटोला, डा. सतीश कुमार, डा. रचित गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर मंडल अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली आदि मौजूद थे।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us