जरा सी चूक से हाथ से निकल जाएगी नौकरी, यूकेएसएसएससी ने वेरिफिकेशन के नियमों में किया संशोधन
- सही दस्तावेज न लाने पर एक मौका मिलेगा, अन्यथा उम्मीदवारी ही खत्म कर दी जाएगी
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अगर आपने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से होने वाली किसी भी भर्ती में हिस्सा लिया है तो दस्तावेज वेरिफिकेशन को लेकर गंभीर हो जाएं। जरा सी चूक होते ही आपके हाथ से सरकारी नौकरी निकल जाएगी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन (अभिलेख सत्यापन) की नियमावली में संशोधन कर दिया है।
यह हुए नियमों में बदलाव
पहले नियम-अगर कोई उम्मीदवार आधे-अधूरे दस्तावेजों के साथ सत्यापन के लिए आता है तो उसे पूरे दस्तावेज दिखाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। अन्यथा इसके बाद उसकी उम्मीदवारी प्रोविजनल तौर पर निरस्त कर दी जाएगी।
अब यह नियम -अब प्रोविजनल तौर पर नहीं बल्कि 15 दिन बाद अंतिम रूप से उम्मीदवारी खत्म कर दी जाएगी।
पहला नियम-अगर कोई उम्मीदवार अभिलेख सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे सत्यापन समाप्ति की तिथि या अगले 15 दिन के भीतर एक और मौका दिया जाएगा। अगर नहीं आता है तो उसकी उम्मीदवारी प्रोविजनल तौर पर खत्म कर दी जाएगी।
अब यह नियम-अगर 15 दिन में भी उम्मीदवार नहीं आता है तो उसे दो अवसर देने पर भी उपस्थित न होने और कोई लिखित कारण न बताने पर उम्मीदवारी से हटा दिया जाएगा। उनकी जगह नए उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में मौका दिया जाएगा। साथ ही आयोग अब अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों को डाक के माध्यम से सूचना भेजने के साथ ही ई-मेल से भी सूचना भेजेगा। इसके अलावा आयोग के कर्मचारी आवेदन में दिए गए मोबाइल या लैंडलाइन नंबर पर फोन करके भी सूचना देंगे। यह पूरी प्रक्रिया पत्रावली में सहेजी जाएगी। रिस्पांस न आने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी खत्म कर दी जाएगी।
पहले नियम-अगर कोई उम्मीदवार अस्पताल में भर्ती है और उसे अभिलेख सत्यापन के लिए 15 दिन अतिरिक्त जरूरत है तो उसे प्रमाण सहित अपना आवेदन आयोग को भेजना होगा।
अब नियम-सप्रमाण आवेदन भेजना होगा, लेकिन इसके बाद आयोग जो भी निर्णय लेगा, उस आधार पर निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अन्यथा उम्मीदवारी निरस्त कर दी जाएगी।
पहले नियम-जिनकी उम्मीदवारी प्रोविजनल तौर पर रद्द की गई है, उनको छोड़कर दूसरे उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर विकल्प भरने का मौका दिया जाएगा।
अब नियम- विकल्प भरने का मौका दिया जाएगा। साथ ही जिनकी उम्मीदवारी प्रोविजनल तौर पर निरस्त की गई है, उनकी जगह मेरिट के आधार पर उन रिक्त पदों पर भी विकल्प भरने का मौका दूसरे उम्मीदवारों को दिया जाएगा।
यह नियम कर दिया गया खत्म
पहले यह भी प्रावधान किया गया था कि अगर किसी की उम्मीदवारी प्रोविजनल तौर पर निरस्त की गई है तो उसे एक नोटिस देकर 15 दिन के भीतर बुलाया जाएगा। उपस्थित होने पर अवशेष पदों पर ही विकल्प भरने का मौका दिया जाएगा। अगर उम्मीदवार इन पदों के लिए इच्छुक नहीं होगा तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद रिक्त होने वाले पदों के सापेक्ष मेरिट के आधार पर दूसरे उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा। यह नियम अब आयोग ने खत्म कर दिया है।
आयोग ने बीते दिनों अभिलेख सत्यापन की नीति जारी की थी। अब इसमें कुछ व्यवहारिक पहलुओं को देखते हुए बदलाव कर दिया गया है। सभी उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर संवाद कॉलम में इस बदलाव को पढ़कर समझ लें। अब अभिलेख सत्यापन को न आने वालों से फोन के माध्यम से भी संपर्क किया जाएगा।
- संतोष बडोनी, सचिव, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
जेई सिविल भर्ती की मेरिट सूची जारी, 17 मई से सत्यापन
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पेयजल निगम में जेई सिविल के पदों पर हुई भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। इसके तहत 17 मई से अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि जेई सिविल के पदों पर भर्ती के लिए 19 व 20 दिसंबर को तीन पालियों में परीक्षा कराई गई थी। इसकी सूची जारी की गई है।
सूची के हिसाब से जेई सिविल (पदकोड-131) के पदों के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों का सत्यापन 17 व 18 मई को, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग उम्मीदवारों का सत्यापन 18 मई को होगा। वहीं, जेई सिविल (पदकोड-532/214/24/2020) के पदों के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों का सत्यापन 19 व 20 मई को होगा।
जबकि एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग उम्मीदवारों का सत्यापन 20 मई को किया जाएगा। वहीं, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने औपबंधिक सूची जारी होने पर आयोग और पेयजल निगम का आभार जताया। संघ के अध्यक्ष रामकुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद सिंह और महासचिव अजय बैलवाल ने कहा कि इससे निगम में और बेहतर तरीके से काम होंगे।