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भैंस के इलाज के लिए डॉक्टर नहीं मिला तो आदिवासी किसान ने खोल दिया एनिमल आईसीयू

Wed, 09 Dec 2020 01:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal धन सिंह बिष्ट, अमर उजाला, काशीपुर
धन सिंह बिष्ट, अमर उजाला, काशीपुर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 09 Dec 2020 01:03 PM IST
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Uttarakhand news : Tribal farmer opens animal ICU if he does not get a doctor to treat buffalo
प्रतीकात्मक तस्वीर

पालतू भैंस के उपचार के लिए समय पर डॉक्टर नहीं मिला तो जयपुर के एक आदिवासी किसान मनीष कुमार मीणा ने पालतू जानवरों को घर बैठे इलाज की सुविधा देने के लिए एनिमल आईसीयू खोल दिया।

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एनिमल आईसीयू की मदद से जहां पशुपालक ऑनलाइन पशुओं का उपचार करा पा रहे हैं, वहीं पशु चिकित्सक की डिग्री लेने के बाद बेरोजगार बैठे करीब 1700 युवाओं को भी रोजगार मिला है। आईआईएम काशीपुर ने भी इसे अपने रफ्तार स्टार्टप के लिए चुनकर मनीष को दो माह का प्रशिक्षण दिया है।  
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मूल रूप से जयपुर राजस्थान के मोटू का वास गांव के रहने वाले मनीष कुमार मीणा ने नेट जेआरएफ पास किया है। मार्च 2019 में मनीष ने आजीविका के लिए डेयरी फार्म खोला। इसी दौरान मनीष की एक भैंस बीमार हो गई जिसके इलाज के लिए मनीष को पशु चिकित्सक नहीं मिला। आठ और भैंसें बीमार होने पर मनीष ने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पशुओं के डॉक्टर की खोज की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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इलाज के अभाव में आठ भैंसें भी मर गईं। इसके बाद मनीष ने पालतू पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया। उन्होंने अपने गांव और आसपास के किसानों, पशुधन सहायकों, पशु चिकित्सकों का डेटा जमा करने के बाद एक एप तैयार कर लोगों को इससे जोड़ा।

फिर स्टार स्किल नाम से स्टार्टअप शुरू कर डबल्यूडबल्यूडबल्यू डॉट एनिमल डॉट आईसीयू के नाम से एक वेबसाइट लॉच की और एक वेटनरी डॉक्टर को एक क्षेत्र दिया, जो जरूरत पड़ने पर पशुपालकों की सहायता कर सके। किसान टोल फ्री नंबर 18008910515 पर भी डॉक्टर से संपर्क कर घर बैठे निशुल्क उपचार की सुविधा ले सकते हैं। डॉक्टर के घर आने पर किसान को उसे फीस देनी होती है। मनीष ने बताया कि करीब 1700 पशु चिकित्सकों को उन्होंने जोड़ा है। 

देश के छह लाख किसान ले रहे हैं किसान रेडियो का लाभ

पशुपालकों के साथ ही किसानों को खेती में मदद करने के लिए मनीष ने मंशा नाम से एक संस्था शुरू कर किसान रेडियो लॉच किया। माया जेफ इसकी सह संस्थापक हैं। किसानों के लिए इसमें लाइव प्रसारण किया जाता है। इसमें उन्हें खेती किसानी के संबंध में जानकारी दी जाती है।

किसानों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है और प्ले स्टोर पर एप भी है। किसानों को कम दामों पर खाद, बीज, दवा उपलब्ध कराने के लिए कुछ कंपनियों से भी अनुबंध किया गया है। मनीष ने बताया कि अभी देश के छह लाख किसान इसका लाभ ले रहे हैं। पंजाबी, हरियाणी, राजस्थानी भाषा में प्रसारण किया जाता है। किसान क्लब भी बनाए गए हैं, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक प्लेटफार्म मिलता है। 

12 लाख छात्रों को देंगे निशुल्क स्किल ट्रेनिंग

मंशा व स्टार स्किल की सह संस्थापक माया जेफ ने बताया कि उन्होंने राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत करीब 12 लाख छात्रों को निशुल्क स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें हेल्थ सेक्टर, एनिमल हस्बेंडरी, किसान प्रोजेक्ट और उच्च शिक्षा के तहत युवाओं को कॉलेज में ही स्किल आधारित कोर्स और उनका सर्टिफिकेशन करवाने के बाद रोजगार देयता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को कॉलेज से निकलने के बाद रोजगार की खोज करने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है। 

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए इस तरह के स्किल स्टार्टअप की पूरे भारत में जरूरत है। इस स्टार्टअप से देश के लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। राजस्थान सरकार भी इसमें मिलकर काम कर रही है। 
- शिवानंद दास, सीईओ आईआईएम, फीड, काशीपुर

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