Uttarakhand News : शनिवार को नैनीताल में सैलानियों की भीड़, नौकायन का लिया आनंद
सप्ताह के अंत (वीकेंड) और खुशगवार मौसम के बीच सुबह से शाम तक नगर में पर्यटकों की भीड़ रही। पर्यटकों ने नैनीझील में नौकायन का आनंद लिया और स्नोव्यू, हिमालय दर्शन, टिफिन टॉप से सैलानियों ने बर्फ से लकदक हिमालय की चोटियों को अपने कैमरों में कैद किया।
शनिवार को नगर के चिड़ियाघर में 892 पर्यटकों ने वन्य प्राणियों को देखा। इनमें 791 वयस्क और 101 बच्चे शामिल थे। केव गार्डन में 650 पर्यटकों ने प्राकृतिक गुफाओं और नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर स्थित वाटर फाल का 544, जबकि हिमालयन बॉटनिकल गार्डन का 116 पर्यटकों ने भ्रमण किया।
इसके साथ ही स्नोव्यू, हिमालय दर्शन, टिफिन टॉप से पर्यटकों ने बर्फ से लकदक हिमालय की चोटियों को देखकर अपने कैमरों में कैद किया। पर्यटकों ने माल रोड समेत मल्लीताल, तल्लीताल, तिब्बती, भोटिया, पालिका बाजार क्षेत्र के साथ ही पंत पार्क में लगी दुकानों से जरूरत का सामान खरीदा।
पर्यटकों ने नगर के अलावा समीपवर्ती खुर्पाताल, सरिताताल, किलबरी, पंगूट, भवाली, भीमताल, श्यामखेत, मुक्तेश्वर, गागर, नौकुचियाताल, कैंची, घोड़ाखाल समेत अन्य पर्यटक स्थलों का भ्रमण किया।
शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज के मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रताप सिंह बिष्ट ने बताया कि अधिकतम तापमान 12 और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि नैनी झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा के अनुसार नैनीझील का जलस्तर एक इंच घटने के बाद 5 फीट साढ़े 6 इंच रह गया है।
सफारी की सुविधा के बढ़े सैलानी
राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज भी अब सैलानियों की पसंद बनने लगी है। यहां सफारी की व्यवस्था होने के बाद इस साल पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। सैलानियों की संख्या बढ़ने के बाद पार्क का राजस्व भी बढ़ा है।
अभी तक पर्यटकों को जंगल सफारी के लिए चीला रेंज ही सबसे ज्यादा लुभाती रही है। पार्क की हरिद्वार रेंज में बहुत कम लोग घूमने आते थे। इसकी वजह यह थी कि यहां पार्क की तरफ से सफारी की व्यवस्था नहीं थी। इस साल से पार्क प्रशासन ने रानीपुर गेट पर एक जिप्स और एक बस की व्यवस्था की है।
मिनी बस की सुविधा पिछले साल भी थी, लेकिन यह बस भी वन्य जीव प्रतिपालक ऑफिस पर ही खड़ी रहती थी, सैलानियों की ओर से बुकिंग कराने पर बस टूरिस्ट को लेकर जंगल में जाती थी। रानीपुर गेट पर आने वाले सैलानियों की संख्या औसतन दस रहती थी।
इस साल पार्क के गेट खुलने के कुछ दिनों बाद से हरिद्वार रेंज की ओर से एक जिप्सी की व्यवस्था की गई है। यही नहीं बस और जिप्सी को हर समय रानीपुर गेट पर यात्रियों के लिए खड़ा किया जाता है। अब रानीपुर गेट से रेंज के अंदर सैर के लिए जाने वाले पर्यटकों की संख्या हर रोज 30 से 40 तक पहुंच गई है।
हरिद्वार रेंज में जंगल और वन्य जीवों के दीदार आसनी से हो जाते हैं। यहां सफारी की सुविधा बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आने वाले समय में यदि सैलानियों की संख्या बढ़ती रही तो और जिप्सी की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- विजय कुमार सैनी, रेंजर, हरिद्वार