उत्तराखंड: कालागढ़ टाइगर वन प्रभाग में गश्त के दौरान वन श्रमिक पर बाघ ने किया हमला
दो अन्य श्रमिकों के साथ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की अदनाला रेंज की मुंडियापाणी बीट में गश्त कर रहे थे। इस दौरान अचानक झाड़ी में छिपे बाघ ने उन पर हमला कर दिया।
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उत्तराखंड के कोटद्वार में कालागढ़ टाइगर वन प्रभाग (केटीआर) के अदनाला रेंज के जंगल में गश्त करते समय एक दैनिक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया। साथ में गश्त कर रहे वन कर्मचारियों ने हवाई फायर कर श्रमिक को बाघ के चंगुल से छुड़ाया। वन कर्मचारी घायल श्रमिक को लेकर बेस अस्पताल पहुंचे। डाक्टरों ने श्रमिक की हालत खतरे से बाहर बताई है।
जयहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत ग्राम खुबाणी (ढौंटियाल) निवासी दैनिक श्रमिक संपूर्णानंद (43) ने बताया कि वह बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे टीम लीडर वन दरोगा जितेंद्र सिंह नेगी और दो अन्य श्रमिकों के साथ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की अदनाला रेंज की मुंडियापाणी बीट में गश्त कर रहे थे। इस दौरान अचानक झाड़ी में छिपे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। पहली बार में हमला असफल होने पर बाघ ने उन पर दोबारा हमला कर उसके पांव को जकड़ लिया।
इस दौरान वह किसी प्रकार बाघ के चंगुल से छूट गया, लेकिन बाघ ने एक बार फिर से उस पर हमला कर उसे झाड़ी में खींचने का प्रयास किया। इस दौरान साथी वन कर्मचारियों ने शोर मचाते हुए हवाई फायर किया, जिस पर बाघ वहां से भाग गया। बाघ के हमले श्रमिक के पांव में गंभीर चोट आई। इसके बाद किसी प्रकार वे सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और उन्होंने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर नवीन जोशी वन कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घायल संपूर्णानंद को बेस अस्पताल कोटद्वार लेकर आए। वहीं, अदनाला रेंज अधिकारी नवीन जोशी ने बताया कि घायल को बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
पिंजरे के पास नहीं फटका गुलदार, ग्रामीणों में दहशत
कोटद्वार में पोखड़ा ब्लाक के गडोली और घरतोली गांव में गुलदार बुधवार को चौथे दिन भी पिंजरे के आसपास नहीं फटका। हालांकि गाय और बकरियां चुगाने गए ग्रामीणों को पाली गांव की सरहद से लगे जंगल में गुलदार दिखा। गुलदार को देखकर ग्रामीण और मवेशी गांव की ओर भाग आए। गांव में अब भी गुलदार की दहशत बनी है। स्थिति यह है कि शाम छह बजे के बाद प्रभावित गांवों में सन्नाटा पसर जाता है।
पोखड़ा ब्लाक के अंतर्गत घरतोली गांव निवासी रूप चंद्र ने बताया कि बुधवार सुबह ग्रामीण गाय और बकरियां चुगाने के लिए पाली गांव की सरहद पर गए थे। इस दौरान गुलदार को देखकर सभी मवेशी गांव की ओर भाग गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात को गुलदार पिंजरे के आसपास नहीं फटका। गुलदार के हमले के बाद से गांव में दहशत बनी है।
गुलदार के हमले के बाद महिलाएं पेयजल स्रोत पर अकेले जाने से भी कतरा रही हैं। उधर, गढ़वाल वन प्रभाग के दमदेवल रेंज अधिकारी शुचि चौहान ने बताया कि बुधवार को जहां लोगों को गुलदार दिखा वहां जंगल है। मंगलवार रात को भी गुलदार पिंजरे के आसपास नहीं फटका। यदि सफलता नहीं मिली तो बृहस्पतिवार को पिंजरे का स्थान बदला जाएगा।
कालोनी से कुत्ते को उठाकर ले गया गुलदार
हरिद्वार में बहादराबाद थाना क्षेत्र के रोहालकी स्थित धूम सिंह एनक्लेव कॉलोनी में मंगलवार रात गुलदार कालोनी में घुस गया। गुलदार ने एक कुत्ते को निवाला बना लिया। गुलदार की दस्तक घर में लगे सीसी कैमरे में कैद हुई है। लोगों में दहशत बनी है।
मंगलवार रात 12 बजे रोहालकी के धूम सिंह एनक्लेव कॉलोनी के एक घर के गेट पर एक कुत्तासोया था। गुलदार ने घात लगाकर कुत्ते को निवाला बना दिया। दूसरे कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर कालोनी में आसपास के लोग जाग गए। बाहर देखने पर कुछ भी नहीं था। एक घर में लगे सीसीटीवी में कुत्ते को गुलदार उठाकर ले जाते कैद हो गया। कालोनी के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी है। वन विभाग ने गश्त शुरू करवा दी है।