{"_id":"617f9508ce420d3e6f7ec4a5","slug":"uttarakhand-news-tet-lifetime-validity-will-not-be-available-in-the-ongoing-teacher-recruitment-on-2287-posts","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: 2287 पदों पर चल रही शिक्षक भर्ती में टीईटी आजीवन वैधता का नहीं मिलेगा लाभ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: 2287 पदों पर चल रही शिक्षक भर्ती में टीईटी आजीवन वैधता का नहीं मिलेगा लाभ
Mon, 01 Nov 2021 12:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:59 PM IST
सार
प्रदेश में बेसिक के सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर जिले उम्मीदवारों की चयन सूची जारी कर चुके हैं। जबकि अन्य जिलों में भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र की वैधता को भले आजीवन कर दिया गया है, लेकिन वर्तमान में 2287 पदों पर चल रही शिक्षक भर्ती में उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। जिनके टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि सात साल से अधिक हो चुुकी है, वे इस भर्ती में शामिल नहीं हो सकेंगे। हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका के बाद शासन की ओर से इस संबंध में निस्तारण आदेश जारी किया गया है।
विज्ञापन
टीईटी के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे
प्रदेश में बेसिक के सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर जिले उम्मीदवारों की चयन सूची जारी कर चुके हैं। जबकि अन्य जिलों में भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती में कुछ ऐसे उम्मीदवार भी शामिल हैं। जिनके टीईटी के प्रमाणपत्र की वैधता अवधि सात साल से अधिक हो चुकी है, लेकिन ऐसे उम्मीदवार अब शिक्षक बनी बन सकेंगे। काउंसिलिंग के दौरान उनके टीईटी के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे।
विज्ञापन
दरअसल, एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) ने पूर्व में टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता अवधि सात साल तय की थी। जिसे जून 2021 में सात साल से बढ़ाकर आजीवन कर दिया गया था। यही वजह रही कि टीईटी प्रमाणपत्र की सात साल की वैधता अवधि पूरी कर चुके कुछ उम्मीदवारों ने इसी आधार पर शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। जबकि मनीषा जोशी और अन्य ने अपने आवेदन मान्य कराए जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन की ओर से निस्तारण आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि जनवरी 2021 थी। जबकि टीईटी को आजीवन मान्य किए जाने का आदेश 28 जून 2021 में जारी किया गया था। याचिकाकर्ताओं के टीईटी के प्रमाणपत्रों की वैधता अवधि जनवरी 2021 तक समाप्त हो चुकी है। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। याचिकाकर्ताओं को भर्ती के लिए आवेदन का लाभ नहीं दिया जा सकता।
नई भर्ती में मिलेगा टीईटी आजीवन वैधता का लाभ
बेसिक शिक्षा निदेशक रामकृष्ण उनियाल ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश में कहा कि मनीषा जोशी एवं अन्य की याचिका पर शासन ने निस्तारण आदेश जारी किया है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तय व्यवस्था के अनुसार कराई जाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जून 2021 से टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता को आजीवन किया गया। इस तिथि के बाद होने वाली भर्ती में उम्मीदवारों को टीईटी प्रमाणपत्र की आजीवन वैधता का लाभ मिल सकेगा।