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आफत की बारिश: चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क मलघाट में पांच दिन से बंद, जान हथेली पर रखकर नदी पार कर रहे लोग

Tue, 13 Sep 2022 09:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 13 Sep 2022 09:42 PM IST
सार

व्यास घाटी में पूजा में गए सीमांत वासी और पांगला, जयकोट, ग्सकु के आसपास के लोगों को मजबूरन मलघाट के आसपास काली नदी पर बने तार में एक ड्रम पर बैठकर नेपाल सीमा में जाना पड़ रहा है।

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Uttarakhand News: Tawaghat-Lipulekh road closed for Five days
तार के सहारे नदी पार कर रहे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क लगातार बारिश के कारण पिछले पांच दिनों से बंद है। इसे खोलने में विभाग को काफी परेशानी हो रही है। खड़ी पहाड़ी से लगातार बोल्डर आने से बीआरओ सड़क नहीं खोल पा रहा है। ग्रामीणों को भी मजबूरन काली नदी पर बने तार के सहारे नेपाल जाकर वापस भारत आना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें 300 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क को खोलने की मांग की है।

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तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर मलघाट के पास बंद होने से लोगों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। व्यास घाटी में पूजा में गए सीमांत वासी और पांगला, जयकोट, ग्सकु के आसपास के लोगों को मजबूरन मलघाट के आसपास काली नदी पर बने तार में एक ड्रम पर बैठकर नेपाल सीमा में जाना पड़ रहा है फिर नेपाल में 500 मीटर सीमा पर पैदल चलकर दूसरी जगह पर काली नदी पर बने झूलापुल से भारत की सीमा पर आना पड़ रहा है। उसके बाद लोग वाहनों से तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं।
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तार से काली नदी पार करने पर हर एक व्यक्ति को 200-300 रुपये किराया भी देना पड़ रहा है। पिछले पांच दिनों से लगभग 50 से अधिक लोग इसी प्रकार से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। काली नदी पर बने तार से आवाजाही करना जोखिम भरा होता है। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों और सीमाओं पर ड्यूटी दे रहे सुरक्षा बलों के जवानों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि जेसीबी रोज कुछ मीटर सड़क तो खोल रही है लेकिन रात में रोज बारिश आने पर सड़क फिर से बंद हो रही है। बोल्डर अचानक गिरने से मजदूरों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ रहा है। अधिकारी के अनुसार मौसम ठीक होने पर दो से तीन दिन में सड़क खोल दी जाएगी।

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