जेल से मांगी रंगदारी: उत्तराखंड एसटीएफ और बहादराबाद पुलिस ने कुख्यात कलीम गैंग के चार गुर्गे दबोचे
पड़ताल में सामने आया है कि यह चारों कलीम के कहने पर रंगदारी की वसूली करते थे। इनमें दो बिहार के निवासी हैं, जबकि दो हरिद्वार के पथरी और मंगलौर क्षेत्र के रहने वाले हैं।
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उत्तराखंड की अल्मोड़ा जेल में बैठकर रंगदारी और अन्य अवैध धंधों को अंजाम देने वाले कुख्यात कलीम पर एसटीएफ का शिकंजा जारी है। उत्तराखंड एसटीएफ और बहादराबाद की पुलिस टीम ने सोमवर देर रात उसके चार गुर्गों को बहादराबाद से गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो बिहार के निवासी हैं, जबकि दो हरिद्वार के पथरी और मंगलौर क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनसे कई अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए गए हैं।
पड़ताल में सामने आया है कि यह चारों कलीम के कहने पर रंगदारी की वसूली करते थे। हरिद्वार के कस्बा मंगलौर निवासी कलीम को पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। कोरोना काल में उसे हरिद्वार जिला कारागार से अल्मोड़ा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद उसने ज्वालापुर के प्रॉपर्टी डीलर मोनू त्यागी से चार करोड़ रुपए की रंगदारी भी मांगी थी। ज्वालापुर के तत्कालीन कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी की टीम ने कलीम और पौड़ी जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गों को गिरफ्तार कर इस मामले का पर्दाफाश किया था।
बहरहाल, एसटीएफ ने सोमवार को अल्मोड़ा जेल में छापा मारकर चरस और मोबाइल बरामद किया था। कलीम से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर सोमवार की रात एसटीएफ टीम व स्थानीय पुलिस ने नई कालोनी बहादराबाद के पास रेगुलेटर से बदमाश अक्षय कुमार ग्राम बहुरवा थाना मझोलिया जिला बेतिया पश्चिमी चंपारण, साहिब कुमार निवासी ग्राम बहुरवा थाना मझोलिया जिला बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार, सद्दाम उर्फ गुल्लू निवासी कासमपुर थाना पथरी, नदीम निवासी मंगलौर मोहल्ला किला थाना मंगलौर को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अल्मोड़ा जेल में बंद कलीम के कहने पर चारों लोग रंगदारी मांगते थे। आरोपियों के पास से तीन तमंचे छह कारतूस चार मोबाइल 15 हजार की नकदी व एक पल्सर बाइक बरामद हुई है।
जेल के ड्राइवर के खाते में आते थे पैसे
पुलिस ने जेल के ड्राइवर ललित मोहन भट्ट को भी गिरफ्तार किया है। उसके खाते में 10 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। यह रुपया वह कलीम के लिए गैंग के अन्य सदस्यों से मंगवाता था। ललित मोहन भट्ट उपनल के माध्यम से जेल में भर्ती हुआ था। एसटीएफ उससे पूछताछ में लगी हुई है। अभी इस बात का भी पता किया जा रहा है कि यह पैसा किन किन लोगों ने भेजा था।
हरिद्वार में संत के हत्यारे ने भेजे थे बिहार से शूटर
बिहार से दोनों शूटर वहां के कुख्यात पप्पू उर्फ लंगड़ा ने भेजे थे। पप्पू उर्फ लंगड़ा ने हरिद्वार में 2006 में संत निवासाचार्य महाराज की हत्या की थी। उनके आश्रम में लूट भी की गई थी। पप्पू हरिद्वार जेल में बंद था, लेकिन वर्ष 2015 में उसे मोतिहारी बिहार जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। वर्तमान में वह जमानत पर है। कुछ दिन पहले उसने बहादराबाद के एक व्यापारी से धन वसूलने का प्रयास किया था। इसके बाद उसके खिलाफ बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
और सदस्यों की भी हो सकती है गिरफ्तारी
कलीम गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़े अपराधों को अंजाम दे चुका है। उसके सदस्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छिपे हो सकते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने छह टीमों का गठन किया है। इन टीमों को दबिश के लिए रवाना कर दिया गया है।