फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: State University Bill not yet returned from Raj Bhavan

उत्तराखंड: राजभवन से अभी नहीं लौटा राज्य विवि विधेयक, आठ महीने पहले विधानसभा में हुआ था पारित

Tue, 25 May 2021 10:52 AM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूरी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूरी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 May 2021 10:52 AM IST
सार

राज्य गठन के बाद पहली बार राज्य सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों को एक एक्ट के तहत संचालित करने का फैसला लिया। हालांकि, यह विधेयक अभी तक अधिनियम नहीं बन पाया है। लेकिन राज्य सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया। 

विज्ञापन
Uttarakhand News: State University Bill not yet returned from Raj Bhavan
बेबी रानी मौर्य - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में राज्य विश्वविद्यालयों को एक एक्ट से संचालित करने की प्रदेश सरकार की कोशिशें अभी अधूरी हैं। करीब आठ महीने पहले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ने उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक (अंब्रैला विधेयक) को सदन से पारित कराकर विधायी विभाग के माध्यम से राजभवन को भेजा था, लेकिन अभी तक राजभवन से यह विधेयक वापस नहीं लौटा है। विधानसभा और विधायी विभाग के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) आनंद बर्द्धन का भी कहना है कि अभी विधेयक विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है।

विज्ञापन


इससे पहले भी यही विधेयक राजभवन में लंबे समय तक विचाराधीन रहा। इसके बाद सितंबर में विधानसभा सत्र से ठीक दो दिन पहले राजभवन ने कुछ आपत्तियों के साथ विधेयक को लौटा दिया था। राजभवन के इस रुख से असहज सरकार ने 24 सितंबर 2020 को विधेयक में कुछ संशोधन कर सदन से उसे पारित कराया। यह बिल राज्यपाल की मंजूरी के लिए पुन: राजभवन भेजा गया, लेकिन अभी तक नहीं लौटा है। सचिव राज्यपाल बीके संत ने बताया कि वह अवकाश से अभी लौटे हैं और विधेयक के बारे में जानकारी उपलब्ध करा देंगे। 
विज्ञापन


गैरसैंण सत्र में पारित विधेयकों के भी लौटने का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, गैरसैंण विधानसभा में पारित विधेयकों में से भी अभी वित्त विनियोग विधेयक व पंचायतीराज से संबंधित विधेयक ही राजभवन से लौटे हैं। शेष विधेयकों का राजभवन से लौटने का इंतजार है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं राजभवन की आपत्तियां

- विधेयक के प्रावधानों को राजकीय विश्वविद्यालयों की स्वायतत्ता के विपरीत महसूस किया था।
- कुलपति के चयन में कुलाधिपति (राज्यपाल) के अधिकारों को कमतर करने पर भी प्रश्न किए थे। 
- विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम करने का सुझाव दिया था। 

सरकार की उम्मीदों को लगा था झटका
प्रदेश सरकार यह मान कर चल रही थी कि अन्य विधेयकों की तरह राज्य विश्वविद्यालय विधेयक भी राजभवन से सहज मंजूरी के साथ लौट आएगा, लेकिन राजभवन ने कतिपय आपत्तियों के साथ विधेयक को पुनर्विचार के राज्य सरकार को भेजा। सरकार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed