{"_id":"5fe6d020b1c65b06bd26fb69","slug":"uttarakhand-news-small-shop-can-open-in-dehradun-residential-colonies","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव : देहरादून की आवासीय कॉलोनियों में अब फिर खुल सकेगी ‘छोटी दुकान'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव : देहरादून की आवासीय कॉलोनियों में अब फिर खुल सकेगी ‘छोटी दुकान'
Sat, 26 Dec 2020 11:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 26 Dec 2020 11:36 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून शहर के गली मोहल्लों और कॉलोनियों में खुली छोटी-छोटी दुकान अब फिर खुल सकेंगी। शर्त यह रहेगी कि अब मोहल्ले कॉलोनियों में एक घर में सिर्फ एक बहुत छोटी सी दुकान ही खुल पाएगी। ताकि लोगों को रोजगार तो मिले ही साथ ही रोजमर्रा की चीजों के लिए मुख्य बाजार की तरफ दौड़ न लगाने पड़े।
विज्ञापन
इंद्रकॉलोनी निवासी मनमोहन लखेड़ा की याचिका पर संज्ञान लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने शहर में अतिक्रमण के साथ ही आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश राज्य सरकार को दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने शहर के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही आवश्यक कार्य में भी व्यावसायिक रूप से संचालित हो रही दुकानों को बंद कर सीलिंग की कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
इससे सबसे बड़ा नुकसान छोटे-छोटे दुकानदारों को हुआ था। साथ ही सैलून, बूट पॉलिश, दूध, दही, ब्रेड लेने जैसी छोटी छोटी चीजों के लिए लोगों को मुख्य बाजारों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों की पिछले काफी समय से मांग थी कि जो दुकान छोटी-छोटी गुमटियों में खुली हुई हैं, उन्हें खोलने की इजाजत दे दी जाए, उससे न तो मुख्य सड़क का अतिक्रमण किया जाएगा और न ही किसी तरह का भारी दवाब या भीड़भाड़ जैसी स्थिति बनेगी।
विज्ञापन
इस बाबत कुछ लोगों ने इस संबंध में मेयर सुनील उनियाल गामा से मिलकर अपना पक्ष रखते हुए मानवीय आधार पर इसका समाधान कराने और हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से छोटे कारोबारियों का तर्क रखने का अनुरोध किया था।
इस मामले में मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। अगली कैबिनेट में इस मामले को रखा जा सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट में पक्ष रख निर्देश के आलोक में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
छोटी सी दुकान का जोड़
- रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें मिल सकेंगी घर के नजदीक
गली मोहल्ले में छोटी दुकानों के होने से रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली छोटी-छोटी सामग्री घर के नजदीक ही मिल जाएंगी। इसके लिए लोगों को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। यही नहीं घर में ही दुकान बनाने से लोगों को इसका महंगा किराया अलग से नहीं भुगतना पड़ेगा।
- महिलाएं भी बुटीक व सिलाई जैसे काम कर सकती हैं
कॉलोनी में छोटी दुकानें होने से खासकर महिलाएं भी घर बैठे बुटीक का संचालन और सिलाई-कढ़ाई जैसे छोटे-छोटे काम कर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। वहीं, बेरोजगार युवा भी अपने घर से ही छोटी दुकानों का संचालन कर कोराना काल में बढ़ी बेरोजगारी से कुछ हद तक दुकान खोलकर निजात पा सकते हैं।