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Uttarakhand News : कैसे होगी करंट से हिफाजत, विद्युत सुरक्षा विभाग में स्टाफ की भारी किल्लत

Thu, 07 Jan 2021 03:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 Jan 2021 03:50 PM IST
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uttarakhand news : shortage of staff in electricity safety department
एक इंस्पेक्टर के भरोसे गढ़वाल मंडल के सात जिलों की बिजली सुरक्षा का काम - फोटो : पेक्सेल्स

प्रदेश में बिजली से सुरक्षा के दावों के उलट जमीनी हकीकत अलग है। यहां एक इंस्पेक्टर के भरोसे गढ़वाल मंडल के सात जिलों की बिजली सुरक्षा का काम है। विद्युत सुरक्षा विभाग में यूं तो 61 पद हैं लेकिन इनमें से 36 पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। बार-बार प्रस्ताव भेजने के बावजूद इन पर भर्ती की प्रक्रिया अमल में नहीं आ पा रही है। 

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विद्युत सुरक्षा विभाग की अनदेखी का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि खुद विभाग के निदेशक जीसी पांडेय भी बिजली सुरक्षा की जांच पड़ताल करने के लिए जाते हैं। अब देहरादून और रुड़की जोनल कार्यालय की बात करें तो यहां फिलहाल दोनों कार्यालयों की जिम्मेदारी राजेंद्र कोटनाला पर है। दून कार्यालय में दो अधिकारी हैं, लेकिन उनमें से एक महिला अधिकारी मातृत्व अवकाश पर हैं।
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रुड़की कार्यालय में दो अधिकारी हैं जो जांच कर सकते हैं लेकिन वह इन दिनों कुंभ के लिए बिजली आपूर्ति की जांच पड़ताल में जुटे हुए हैं। यानी गढ़वाल मंडल के सात जिलों में बिजली के हादसे हों या कोई सार्वजनिक आयोजन, देहरादून के राजेंद्र कोटनाला को ही सभी जगह जांच व निरीक्षण को जाना पड़ता है। ऐसे ही हालात कुमाऊं मंडल में भी हैं। इसके पीछे वजह है स्टाफ की कमी। कई वर्ष से लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्तियां नहीं हो पाई हैं। 
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प्रदेश में तीन जोनल कार्यालय

विद्युत सुरक्षा विभाग का मुख्यालय हल्द्वानी में है। इसके तीन जोनल कार्यालय हैं। देहरादून, रुड़की और नैनीताल। देहरादून कार्यालय के अधीन उत्तरकाशी, देहरादून और टिहरी की बिजली की हिफाजत आती है। रुड़की कार्यालय के अधीन हरिद्वार, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग की बिजली सुरक्षा है जबकि नैनीताल जोनल कार्यालय के अधीन नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत आते हैं। 


ये काम करता है विद्युत सुरक्षा विभाग

- सिनेमाहॉल में विद्युत व्यवस्था बनाने की जांच।
- बिजली के क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदार का लाइसेंस, सुपरवाइजर सर्टिफिकेट और वर्कमैन परमिट।
- मेले, प्रदर्शनी में विद्युत आपूर्ति सुरक्षित हो, इसकी जांच करना।
- करंट से मौत के मामलों की जांच करना। 
- जेनरेटर चलाने या वीआईपी के कार्यक्रमों में विद्युत आपूर्ति सुरक्षित रखने की जांच करना।
- बिजलीघरों में बिजली आपूर्ति सुरक्षा की जांच पड़ताल करना। 

किसके कितने पद, कितने खाली 

पदनाम   -  सृजित पद   -  खाली पद
निदेशक      -   1   - 0
उप विद्युत निरीक्षक  -  5  -  5
अपर सहायक विद्युत निरीक्षक -   4 -   1
विद्युत अवर अभियंता (जेई)  -  11 -   9
वैयक्तिक सहायक -   1 -   1
लेखाकार   - 1   - 1
प्रशासनिक अधिकारी  -  1  -  0
प्रधान सहायक  -  1  -  0
वरिष्ठ सहायक -   2 -   1
कनिष्ठ सहायक  -  7  -  2
सहायक लेखाकार  -  2 -   2
स्टेनोग्राफर   - 3 -   3
आउटसोर्सिंग -    22  -  11 खाली

काफी संख्या में पद खाली हैं, जिसकी वजह से कार्यरत कर्मचारियों पर काम की अधिकता है। हमने शासन को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी पदों पर भर्तियां कर दी जाएंगी। 
- जीसी पांडेय, निदेशक, विद्युत सुरक्षा विभाग

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