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उत्तराखंड: 12 जुलाई से खुलेंगे कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल, नियमित रूप से आएंगे शिक्षक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 07 Jul 2021 08:15 PM IST

सार

बुधवार को इस संबंध में विधानसभा में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।
शिक्षक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शिक्षक (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
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विस्तार

उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अब 12 जुलाई से कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूल खोले जाएंगे। शिक्षकों को नियत तिथि से स्कूलों में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। अगले आदेश तक बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाया जाएगा। सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए हैं। 

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बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। शाम तक इस संबंध में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से आदेश जारी कर दिया गया। जिसके तहत 12 जुलाई से प्रदेश के कक्षा एक से 12वीं तक के समस्त स्कूलों को खोलने और शिक्षकों को उपस्थित होने को कहा गया है।

छात्रों को अभी स्कूल आने की मनाही है। शिक्षक फिलहाल ऑनलाइन माध्यम से ही पठन-पाठन का कार्य करेंगे। छात्रों के लिए स्कूल आने को लेकर शिक्षा मंत्री का कहना है कि इसको लेकर मुख्यमंत्री के साथ वार्ता कर फैसला लिया जाएगा।

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में तब्दील होंगे कई माध्यमिक स्कूल

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रति अभिभावकों में विश्वास बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत जितने भी माध्यमिक स्कूल सीबीएससी के मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा।

बुधवार को विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में ऑनलाइन बैठक में अटल उत्कृष्ठ विद्यालयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का द्वितीय फेज शीघ्र प्रारंभ किया जएगा। इसके तहत जितने भी माध्यमिक स्कूल सीबीएससी के मानकों को पूरा करेंगे, उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा।

इनसे संबंधित विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग में अंग्रेजी माध्यम में दक्ष शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इससे संबंधित दुर्गम, अति दुर्गम क्षेत्र में सेवा देने वाले शिक्षकों की सेवा एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष गिनी जाएगी।

मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए गेस्ट फैकल्टी गुण-दोष के आधार पर लाई जाएगी। मंत्री ने शिक्षा सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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