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उत्तराखंड: लैंसडौन व कालागढ़ वन प्रभाग में गड़बड़ी के आरोपों पर अफसरों का जवाब तलब
Wed, 12 Jan 2022 01:30 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
विनोद मुसान , अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 12 Jan 2022 01:30 PM IST
सार
बीते माह वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के निर्देश पर हटाए गए लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ दीपक सिंह ने वन विभाग के मुखिया पीसीसीएफ (हॉफ) को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने प्रभाग में अवैध खनन सहित तमाम अनियमितताओं की ओर इशारा किया था।
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मंत्री हरक सिंह रावत
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
लैंसडौन वन प्रभाग व कालागढ़ टाइगर वन प्रभाग में कैंपा के तहत कराए गए कार्यों में कथित तौर पर बरती गई अनियमितता के मामले में शासन ने नोटिस जारी कर अफसरों से जवाब तलब किया है। 28 दिसंबर को इस संबंध में अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘डीएफओ के लेटर बम से वन विभाग में मचा हड़कंप’ खबर का संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन, कालागढ़ और कैंपा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कई बिंदुओं पर 15 जनवरी तक जवाब मांगा है।
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बीते माह वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के निर्देश पर हटाए गए लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ दीपक सिंह ने वन विभाग के मुखिया पीसीसीएफ (हॉफ) को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने प्रभाग में अवैध खनन सहित तमाम अनियमितताओं की ओर इशारा किया था। इसके अलावा कैंपा योजना के तहत धन जारी करने को लेकर राजनीतिक दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी।
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इसके बाद लैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत ने भी दोनों वन प्रभागों में तमाम तरह की अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र लिखा था। अमर उजाला ने इन दोनों पत्रों पर खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों का संज्ञान लेते मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, वन आनंद बर्द्धन ने दोनों वन प्रभागों के अधिकारियों सहित कैंपा सीईओ से तमाम बिंदुओं पर जवाब मांगा है। इनमें पूछा गया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में लैंसडौन वन प्रभाग व कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग कैंपा के तहत किन-किन मदों में कितना खर्च किया गया और कंपोनेंट के लिए कितनी-कितनी धनराशि खर्च की गई। इसके सापेक्ष क्या-क्या कार्य कराए गए।
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यह भी पूछे सवाल
- शासन की ओर से जारी पत्र में यह भी पूछा गया है कि क्या कराए गए सभी कार्य केंद्र सरकार की ओर से जारी मानकों के अनुसार थे।
- क्या सभी कार्यों का निर्वहन एवं बजट खर्च के लिए सीएएफ एक्ट 2016, सीएएफ रूल 2018, एफसी एक्स 1980 और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 आदि के प्रावधानों का किसी प्रकार से उल्लंघन तो नहीं हुआ है?
- कार्यों का कियान्वयन किन कार्यदायी संस्थाओं की ओर से किया गया और इन संस्थाओं का नामांकन किस प्राधिकारी के अनुमोदन से किया गया?
- कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति किस स्तर से प्राप्त की गयी?
- लैंसडौन वन प्रभाग में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत धनराशि को वित्तीय वर्ष 2021-22 में किस नियम के तहत और किस स्तर के प्राधिकारी के अनुमोदन से व्यय किया गया?
कैंपा सीईओ को मौके पर जाकर जांच करने के आदेश
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से लैंसडौन वन प्रभाग एवं कालागढ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग के अंतर्गत कैंपा के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में धरातल पर कराए गए कार्यों की जांच के लिए कैंपा के सीईओ को मौके पर जाकर जांच करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सीईओ कैंपा को स्वयं भौतिक सत्यापन करते हुए अभी तक की विस्तृत भौतिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। जिसमें उन्हें स्वीकृत कार्यों के सापेक्ष पूरे किए गए कार्यों का विवरण स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया है।