उत्तराखंड : नियमावली में संशोधन की तैयारी, चौबीस घंटे की पैरोल स्वीकृत कर सकेंगे जेल अधीक्षक
- आईजी जेल सीधे दे सकेंगे 15 दिन की पैरोल
- पैरोल के प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को अलग से बनेगा ऑनलाइन पोर्टल
- जेल के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखने को बंदी रक्षकों को मिलेंगे बॉडी वॉन कैमरे
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सजायाफ्ता बंदियों को अपनों के अंतिम संस्कार या शादी समारोह आदि में पैरोल के लिए अब शासन की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी।
सरकार उत्तराखंड बंदियों की दंडादेश नियमावली में जल्द संशोधन कर जेल अधीक्षक को 24 घंटे की पैरोल और आईजी जेल को 15 दिन की पैरोल देने का अधिकार देने जा रही है। पैरोल के आवेदन को अलग से ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। इसके अलावा जेल के अंदर की गतिविधियों की निगरानी को बंदी रक्षकों को बॉडी वॉन कैमरे के साथ जेलों को हर हिस्सा तीसरी आंख की निगरानी में रहेगा।
शासन ने सजायाफ्ता बंदियों के पैरोल की प्रक्रिया सरल करने को बंदियों की दंडावेश नियमावली में संशोधन करने की हामी भर ली है। कारागार प्रशासन नियमावली में संशोधन का मसौदा तैयार करने में जुट गया है। अब तक सजायाफ्ता बंदियों को पैरोल के लिए शासन स्तर पर दौड़ धूप करनी पड़ती थी, जिसमें काफी वक्त लग जाता था।
नियमावली में संशोधन के बाद पेरोल स्वीकृत करने का अधिकार जेल अधीक्षक और आईजी जेल को भी मिल जाएगा। जेल अधीक्षक इमरजेंसी में 24 घंटे का पैरोल स्वीकार कर सकेंगे, जबकि आईजी को 15 दिन की पैरोल स्वीकृत करने का अधिकार होगा। इससे ज्यादा के पैरोल को लेकर शासन स्तर पर गठित समिति विचार कर फैसला लेगी। इसके लिए अलग से आनलाइन पोर्टल होगा।
बजट में तीन करोड़ रुपये का प्रावधान
जेल का कार्यभार संभालने के बाद पुलिस महानिरीक्षक एपी अंशुमान ने आधुनिकरण योजना के तहत जेलों की व्यवस्था में सुधार को कई फैसले लिए हैं। इसके लिए बजट में तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की तमाम जेलों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लान है।
इसके अलावा जेल की अंदर की गतिविधियों की निगरानी को बंदी रक्षकों को बॉडी वॉन कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। कैमरों का पूरा फुटेज जेल प्रशासन की निगरानी में रहेगा। बंदी रक्षक में उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे। पहले चरण में खरीदे जाने वाले पचास बॉडी वॉन कैमरे हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और सितारगंज जेल में उपलब्ध कराए जाएंगे।
उत्तराखंड बंदी दंडावेश नियमावली में संशोधन की तैयारी है। संशोधन के बाद पैरोल की प्रक्रिया आसान होने के साथ जेल अधीक्षक को 24 घंटे की पैरोल स्वीकृत करने का अधिकार मिल जाएगा।
- एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक जेल